बिहार के नवादा जिले के शिवनगर गोनवां मुहल्ले में एक सनसनीखेज घटना में जंगली फल खाने से एक ही परिवार के 6 बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना के बाद परिजनों के साथ आस-पास के इलाके में कोहराम मच गया है।
बच्चों की उम्र 5 से 12 साल के बीच:
जिन बच्चों की तबीयत बिगड़ी है, उनमें मिथुन मांझी का पुत्र विकास कुमार (10), कमलेश मांझी का पुत्र लक्षण कुमार (8), रविंद्र मांझी का पुत्र रौशन कुमार (6), असरफी मांझी का पुत्र प्रदीप कुमार (5) और संदीप कुमार (8) और सारजन मांझी का पुत्र आशिक कुमार (12) शामिल हैं।
बताया गया है कि, शिवनगर गोनवां मुहल्ले में सरकारी आईटीआई के पास नर्सरी में सभी बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक पेड़ पर जंगली फल दिखाई दिया। पके हुए फल देखकर सभी बच्चों ने उसे खा लिया। जंगली फल खाने के थोड़ी देर बाद एक-एक कर सभी बच्चे उल्टी करने लगे और फिर धीरे-धीरे बेहोश होने लगे।
परिजनों ने कराया सदर अस्पताल में भर्ती:
सभी के परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने बताया खतरे से बाहर:
अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा सभी का इलाज किया जा रहा है। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि ‘फिलहाल बच्चों की स्थिति इलाज के बाद ठीक है, बच्चे खतरे से बाहर हैं। सभी बच्चों का आवश्यक उपचार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता:
स्थानीय लोगों ने बताया कि खेलने के दौरान बच्चों ने जंगली फल खा लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी गई। उन्होंने बच्चों को जंगली फल न खाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।




















