[[Team insider] हाई कोर्ट में सातवीं जेपीएससी के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसकी सुनवाई जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच में हुई। वहीं झारखंड सरकार ने हाई कोर्ट से कहा कि वादी की ओर से उठाया गया मुद्दा बिल्कुल सही है। जेपीएससी की ओर से प्रारंभिक परीक्षा में दिया गया आरक्षण गलत है। इसलिए झारखंड सरकार फिलहाल मुख्य परीक्षा को स्थगित कर रही है। जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की समीक्षा के बाद संशोधित रिजल्ट जारी किया जाएगा। बता दें कि यह परीक्षा 28 जनवरी से होनेवाली थी। संशोधित रिजल्ट जारी होने के बाद मुख्य परीक्षा की तिथि तय की जायेगी। मामले में संयम कुमार की ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गयी है। इनकी ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा।
लगातार मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग हो रही थी मांग
अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कहा कि सरकार के पास प्रारंभिक परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए आरक्षण की कोई नीति नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सामान्य वर्ग में 114 सीट थीं और मानदंडों के अनुसार, परिणाम आवंटित सीट का 15 गुना होना चाहिए था। वत्स ने कहा कि कम से कम 1,710 उम्मीदवारों का चयन किया जाना चाहिए था, लेकिन केवल 768 उम्मीदवारों को ही सफल घोषित किया गया था। जेपीएससी के खिलाफ आंदोलनरत अभ्यर्थी भी लगातार मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे और कोरोना के बीच में ही आंदोलन भी चल रहा था।