[Team Insider] राजधानी रांची में कोरोना संक्रमण में कमी आने के बाद मूर्ति कारों के चेहरे पर थोड़ी सी खुशी दिखी है। हालांकि कोरोना संक्रमण काल से पहले जिस तरह से उनके मूर्ति की बिक्री होती थी।वह नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से उनमें थोड़ी निराशा भी है।
इस वर्ष लगभग 75% मूर्तियां के आये है आर्डर
सरस्वती पूजा को लेकर मूर्ति कारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। क्योंकि इस वर्ष कोरोना संक्रमण में कमी आई है। जिसकी वजह से मूर्ति लेने वालों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा है। हालांकि कोरोना काल से पहले जितनी मूर्तियां बिकती थी। वह नहीं मिल पाई है। ऐसे में मूर्तिकार रमेश का कहना है कि इस वर्ष लगभग 75% मूर्तियां बिकी हैं। लेकिन लगातार कोरोना काल की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति अभी भी नहीं सुधर पाई है।

कोलकाता से रांची मूर्ति बनाने आते है कारीगर
वही सरस्वती पूजा को लेकर मूर्ति लेने वालों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। मूर्तिकार संजय का कहना है कि वह कोलकाता से रांची मूर्ति बनाने आते हैं। लेकिन पिछले 2 वर्षों में कोरोना काल में मूर्ति की बिक्री घट गई है। जिसकी वजह से उनके व्यवसाय पर खासा असर पड़ा है। वही मूर्तिकार राजेश ने कामना करते हुए कहा कि मां सरस्वती के आशीर्वाद से कोरोना पूरी तरह से समाप्त हो जाए और विद्यार्थियों को बुद्धि प्रदान करें। ताकि जो देश के भविष्य हैं।उनका विकास पूरी तरह से हो सके।


















