नेपाल और बिहार में हो रही लगातार बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ (Bihar Flood) का खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट है। विधायक-सांसद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सरकार की तरफ से आश्वासन दिया जा रहा है कि वह बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इधर, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं। लेकिन विदेश से भी वह बिहार पर नज़र रख रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बिहार में बाढ़ के हालात को देखते हुए राजद के पार्टी कार्यकर्ता लोगों की सेवा के लिए तत्पर और सजग हैं।
उन्होंने लिखा है कि नेपाल में हो रही निरंतर बारिश से कोसी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कोसी बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए है। कोसी नदी का जलस्तर 56 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। कोसी तटबंध के भीतर, बांध एवं नहर के नजदीक बसे क्षेत्रवासियों को सचेत, सतर्क, सावधान एवं सुरक्षित रहने का विनम्र आग्रह करता हूँ। प्रशासन की तरफ़ से भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। राजद के पार्टी कार्यकर्ता भी लोगों की सेवा के लिए तत्पर और सजग है। प्रशासन एवं सरकार से आग्रह है कि लगातार मॉनिटरिंग कर, चौकन्ना रहकर लोगों को सावधान करें एवं उन्हें सुरक्षित रखे।
बता दें कि नेपाल प्रभाग में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद कोसी नदी एक बार फिर उफान पर है। कोसी नदी अपने रौद्र रूप में बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कोसी के उफान से सुपौल सहित, सहरसा, मधेपुरा, मधुबनी, दरभंगा, खगड़िया, कटिहार और भागलपुर जिलों में भारी तबाही मचने की आशंका है। यही कारण है कि जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट जारी किया है।
Bihar Flood: बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बिहार सरकार सजग- विजय सिन्हा
बीते 24 घंटों में ही कोसी नदी के जलस्तर में करीब 4 लाख क्यूसेक का उछाल आया है। नेपाल के बराह क्षेत्र में दोपहर 01 बजे 4 लाख 45 हजार 550 क्यूसेक पानी और कोसी बराज से पांच लाख 21 हजार 455 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। 56 वर्ष बाद कोसी अपना रिकार्ड दोहराएगी। 1968 के अक्टूबर महीने में कोसी बराज का डिस्चार्ज 7,88,000 क्यूसेक तक पहुंच गया था। दशकों बाद इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण पूरे इलाके के लोग काफी भयभीत हैं।




















