Bihar Cabinet Expansion: बिहार में नीतीश सरकार ने कैबिनेट विस्तार की तैयारी पूरी कर ली है। भाजपा के सात नेता मंत्री बन रहे हैं। इनमें साहेबगंज के भाजपा विधायक राजू सिंह भी शामिल हैं। इन्हीं राजू सिंह के मंत्री बनने पर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं और सवाल पूछा जा रहा है कि सुशासन की परिभाषा गढ़ने का दावा करने वाले सीएम नीतीश कुमार के कैबिनेट में गंभीर आपराधिक इतिहास वाले विधायक का मंत्री बनना कितना सही है? वैसे तो कानूनी रूप से राजू सिंह पर अपराध सिद्ध नहीं हुआ है और उनके मंत्री नहीं बनने का कारण सिर्फ नैतिक हो सकता है।
साहेबगंज से विधायक राजू कुमार सिंह, जिनका नाम हत्या, आर्म्स एक्ट और गंभीर आपराधिक मामलों में दर्ज है, अब कैबिनेट में शामिल होने जा रहे हैं। राजू कुमार सिंह का नाम 2019 के कुख्यात मर्डर केस में शामिल रहा है। नए साल की पार्टी में दिल्ली के एक फार्महाउस में हुई फायरिंग में एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया तो यह भी जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान वे मुजफ्फरपुर भागने की फिराक में थे, लेकिन उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पकड़ लिया।
यह पहली बार नहीं है जब राजू सिंह विवादों में आए हैं। उनके खिलाफ हत्या की कोशिश, अवैध हथियार रखने जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। बावजूद इसके, उन्हें बिहार सरकार में मंत्री बनाए जाने का फैसला हुआ है।