पटना में गुरुवार को एक अलग ही माहौल था। RJD के MLC सुनील सिंह, जो लंबे समय से राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे थे, जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहली बार पार्टी कार्यालय पहुंचे तो उनका भव्य स्वागत हुआ। लेकिन इस स्वागत से भी ज्यादा चर्चा उनके ‘फिल्मी अंदाज’ की हुई। उन्होंने फिल्म ‘पुष्पा’ के स्टाइल में हाथ घुमाते हुए ऐलान किया “कुछ भी हो जाए, सुनील सिंह झुकेगा नहीं!”
सात महीने बाद ‘न्याय की जीत’ का जश्न
बिहार विधान परिषद से उनकी सदस्यता खत्म किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने 25 फरवरी को खारिज कर दिया। न्यायालय के इस फैसले के बाद सुनील सिंह ने सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि “सात महीने पहले लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी। मेरा सिर्फ इतना कसूर था कि मैं गरीबों और किसानों की आवाज उठा रहा था।”
उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि “एक व्यक्ति के ईगो सेटिस्फेक्शन के लिए मेरी सदस्यता छीनी गई। उन्होंने सदन में महिलाओं के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उसका बीजेपी ने भी विरोध किया था। लेकिन आज वही BJP उनके साथ बैठी है।”
इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि सुनील सिंह की विधान परिषद की सदस्यता बहाल की जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी अशोभनीय थी, लेकिन इसकी तुलना में दी गई सजा अत्यधिक थी। इस फैसले के साथ ही बिहार विधान परिषद के उपचुनाव की संभावनाओं पर भी रोक लग गई, क्योंकि चुनाव आयोग की अधिसूचना को भी कोर्ट ने रद्द कर दिया। फैसले के बाद सुनील सिंह ने फेसबुक पर सिर्फ दो शब्द लिखे— “सत्यमेव जयते!”