बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हुई है। इस मौके पर दोनों सदनों के सदस्यों के साथ साथ बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी मौजूद हैं। अभिभाषण में राज्यपाल राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और आने वाले समय में सरकार की योजना को सदन में बारी-बारी से रख रहे हैं। राज्यपाल बिहार सरकार की उपलब्धित गिना ही रहे हैं कि विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर राज्यपाल ने उनसे आग्रह किया कि संबोधन खत्म होने के बाद आप सदन में आपलोग सदन में अपनी बात रखिएगा। फिर भी विपक्ष ने बात नहीं मानी तो राज्यपाल ने मर्यादा में रहने की नसीहत दी।
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राज्यपाल ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के मदरसों को सरकारी सहायता दी जा रही है। इसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है। राज्य में धान, गेहूं और मक्का का उत्पादन दोगुना हो गया है। मछली उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर हो गया है। राज्यपाल ने कहा कि सात निश्चय योजना के बारे में भी बात की। राज्यपाल ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद से ही राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। राजधानी तक सुदूर इलाकों से पहुंचने का लक्ष्य पांच घंटा कर लिया गया है।
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बजट सत्र : सीएम नीतीश पहुंचे सदन.. मंत्री-विधायकों ने गुलदस्ता देकर किया स्वागत
उन्होंने कहा कि सरकार ने बिहार में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोड़ दिया है। पंचायती राज, नगर निकायों में 50 प्रतिशत और सभी सरकारी नौकरी में आरक्षण दिया जा रहा है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी कम दी थी। अब समूहों की संख्या की 10 लाख 63 हजार हो गई है। इसमें जीविका दीदियों की संख्या एक लाख 41 हजार से अधिक है। बिहार सरकार ने शुरू से ही वंचित वर्गों के लिए काम किया। इन्हें मुख्य धारा में जोड़ने के लिए कई योजना चला रही है।