पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की विकास योजनाओं, रोजगार के अवसरों और आर्थिक सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के संकल्प को लेकर सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों जैसे प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजारों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की संप्रभुता सुनिश्चित होगी और गांवों का समुचित विकास हो सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार
राज्य सरकार की “निश्चय सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा” योजना के तहत फरवरी 2021 से गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों में डेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की गई, जिससे ग्रामीणों को दूर स्थित अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं रही। इसका सबसे अधिक लाभ बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर लोगों को मिला। अब तक 2 करोड़ से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इसके अलावा, “बाल हृदय योजना” के तहत 1 अप्रैल 2021 से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1,827 बच्चों का सफल इलाज हो चुका है।
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युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों में बढ़ोतरी
राज्यपाल ने बताया कि युवाओं को अधिक से अधिक सरकारी नौकरियां और रोजगार देने के लक्ष्य के तहत “सात निश्चय-2” योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 से 10 लाख सरकारी नौकरियां और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया था। अब तक 9.35 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, जबकि शेष पदों पर बहाली की प्रक्रिया जारी है। सरकार ने नौकरी और रोजगार के लक्ष्य को बढ़ाकर क्रमशः 12 लाख और 34 लाख कर दिया है। अब तक 24 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है और आगामी समय में यह संख्या 34 लाख तक पहुंचने की संभावना है।
जाति आधारित जनगणना के आधार पर आर्थिक सहायता
2023 में कराई गई जाति आधारित जनगणना में बिहार के 94 लाख परिवारों की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण किया गया। इनमें सभी वर्गों—अति पिछड़ा, पिछड़ा, दलित, महादलित और मुस्लिम समुदाय—के लोग शामिल हैं। इन परिवारों को बिहार लघु उद्योग योजना के तहत ₹2,00,000 की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत की गई है, जिससे उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
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केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता
राज्यपाल ने अपने संबोधन में बिहार को केंद्र सरकार से मिली आर्थिक सहायता की सराहना की। 1 फरवरी 2025 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिनमें आईआईटी का विस्तार और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना शामिल हैं। इससे बिहार को तकनीकी शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा इसके अलावा, बिहार की सड़क परियोजनाओं, हवाई अड्डों, मेडिकल कॉलेजों, खेलकूद सुविधाओं और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई थी। साथ ही, बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए गंगा-कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना समेत अन्य सिंचाई योजनाओं के लिए भी केंद्र सरकार से मदद मिली है।
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विधानसभा सत्र में सार्थक चर्चा की उम्मीद
राज्यपाल ने विश्वास जताया कि इस सत्र में वित्तीय और विधायी कार्यों के साथ-साथ राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने सभी सदस्यों से जिम्मेदारी के साथ सदन की कार्यवाही में योगदान देने की अपील की। उन्होंने अंत में कहा, “सरकार की उपलब्धियां और विकास योजनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि हम न्याय के साथ विकास की नीति पर आगे बढ़ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह सत्र बिहार के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।”