बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। राजद नेता सुनील कुमार सिंह की सदस्यता पिछले शीतकालीन सत्र में रद्द कर दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बहाल करने का आदेश दे दिया था। लेकिन कोर्ट के आदेश के बहत्तर घंटे बाद भी विधान परिषद सचिवालय से सुनील सिंह की सदस्यता बहाल करने की कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई। दोनों सदनों के सदस्य आज विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन सुनील सिंह नहीं गए।
इससे पहले सुनील कुमार सिंह ने बिहार विधान परिषद के सभापति को पत्र लिख कर अनुरोध किया था कि उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णय के आलोक में मेरी सदस्यता बहाल करने के लिए नियम संगत निर्णय लिया जाये, ताकि मैं 28 फरवरी से प्रारंभ हो रहे बजट सत्र में भाग ले सकूं। सुनील कुमार सिंह ने अपने पत्र में सभापति को अवगत कराया है कि उच्चतम न्यायालय ने 25 फरवरी को मेरी सदस्यता बहाल करने का निर्णय पारित किया है।
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उन्होंने बताया कि परिषद की आचार समिति ने अपने निर्णय के जरिये मेरी सदस्यता समाप्त कर दी थी। समिति के इस निर्णय के विरोध में मेरी तरफ से दायर रिट पिटीशन के संदर्भ में यह फैसला आया है। राजद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ सुनील सिंह ने कल पार्टी कार्यालय में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैं किसानों और मजदूरों की मांग उठाता रहूंगा। मेरी विधान परिषद कि सदस्यता बहाल करके सर्वोच्च न्यायालय ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की है। राजद ने न्याय की लड़ाई में हमेशा हमारा साथ दिया। कहा कि न्याय की लड़ाई में मैं सौ पद कुर्बान कर सकता हूं।
वहीं राजद मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह ने कहा कि अब तक विधान परिषद सचिवालय ने डॉ सुनील सिंह के सदस्यता बहाली के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं की है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में अधिसूचना जारी हो जाना चाहिए थी।