मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की मुसलमानों के प्रति दिखाई जा रही “चिंता” को देखकर तो पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना भी शरमा जाएंगे। ठाकरे ने यह बयान गुरुवार को अपने आवास मातोश्री पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा बार-बार हमें हिंदुत्व से भटकने का ताना देती है, लेकिन अब वही सेकुलर कानून की बात कर रही है और दावा कर रही है कि यह बिल मुसलमानों के हित में है। तो फिर सवाल यह है कि हिंदुत्व को किसने छोड़ा?” उन्होंने भाजपा से उनकी नीति स्पष्ट करने की मांग की और कहा कि अगर पार्टी को मुसलमानों से इतनी ही नाराजगी है, तो उसे अपने झंडे से हरा रंग हटा देना चाहिए। ठाकरे ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि भाजपा नेता पहले ईद का उत्सव मनाते हैं और फिर संसद में वक्फ बिल लेकर आ जाते हैं।
“वक्फ बिल के जरिए जमीन हथियाने की कोशिश”
उद्धव ठाकरे ने वक्फ बिल का विरोध करने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा, “हम इस बिल के खिलाफ इसलिए हैं, क्योंकि भाजपा की नीयत साफ नहीं है। यह बिल जमीन हथियाने का एक जरिया है।” उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें शाह ने कहा था कि यह बिल मुसलमानों की भलाई के लिए है। ठाकरे ने कहा, “अगर यह बिल मुसलमानों के हित में है और हम इसका विरोध कर रहे हैं, तो फिर हिंदुत्व को किसने छोड़ा? यह सवाल भाजपा को खुद से पूछना चाहिए।”
“अमेरिकी टैरिफ से ध्यान भटकाने की साजिश”
ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिए अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे से ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को बताना चाहिए कि अमेरिका के नए टैरिफ से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। लेकिन इसके बजाय, भाजपा हिंदू-मुस्लिम मुद्दों को हवा दे रही है।” ठाकरे ने कहा कि केंद्र में तीसरी बार सत्ता में आई भाजपा के इस रवैये से लगता है कि सब कुछ ठीक नहीं है।
“हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ा रही भाजपा”
उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हिंदू-मुस्लिम तनाव को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में लगातार तीसरी बार जीत के बावजूद भाजपा ऐसे मुद्दे उठा रही है, जो समाज में दरार पैदा करते हैं। ठाकरे ने यह भी सवाल किया कि अगर भाजपा वाकई मुसलमानों की इतनी चिंता करती है, तो उन मुसलमानों के घरों में कौन जाएगा, जिनके घर बुलडोजर कार्रवाई में तोड़ दिए गए हैं। इस बयान के बाद भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि उद्धव ठाकरे का यह बयान उनकी हताशा को दर्शाता है, क्योंकि उनकी पार्टी का भविष्य अब अंधेरे में है। भाजपा ने यह भी कहा कि वह मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो “पाकिस्तान का झंडा लेकर भारत में खड़े होते हैं।” इस बीच, वक्फ बिल को लेकर संसद में बहस जारी है, और यह मुद्दा अब सियासी रंग ले चुका है।