बैंकॉक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक में थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। यह मुलाकात पीएम मोदी के दो दिवसीय थाईलैंड दौरे के पहले दिन हुई, जहां वे 6ठे बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस वार्ता का उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी 3 अप्रैल को बैंकॉक के डॉन मुआंग हवाई अड्डे पर पहुंचे थे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस मुलाकात के बाद थाईलैंड की ओर से सभी अतिथि राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के सम्मान में एक रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी थाईलैंड के राजा महा वाजिरालोंगकोर्न से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे 4 से 6 अप्रैल तक श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर कोलंबो रवाना होंगे।
भारत-थाईलैंड संबंधों का महत्व
भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। थाईलैंड में हिंदू महाकाव्य रामायण का प्रभाव देखा जा सकता है, जिसे वहां रामकियेन के रूप में जाना जाता है। यह थाईलैंड के पारंपरिक नृत्यों जैसे खोन और लखोन में भी झलकता है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते भी मजबूत हैं, जिसमें 2019 तक द्विपक्षीय व्यापार 60% की वृद्धि के साथ 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में भी दोनों देश सक्रिय हैं, जिसमें 2012 में हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौता और 2015 से भारत की ‘एक्स-कोबरा गोल्ड’ सैन्य अभ्यास में ‘ऑब्जर्वर प्लस’ के रूप में भागीदारी शामिल है।
पैतोंगटार्न शिनावात्रा का परिचय
पैतोंगटार्न शिनावात्रा थाईलैंड की 31वीं प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने 2024 में पद संभाला। वे थाईलैंड की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और सबसे कम उम्र में इस पद पर पहुंचने वाली नेता हैं। वे शिनावात्रा परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जो थाई राजनीति में प्रभावशाली रहा है। उनके पिता थाकसिन शिनावात्रा थाईलैंड के 3वें प्रधानमंत्री थे, जबकि उनकी चाची यिंगलक शिनावात्रा 28वीं प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। पैतोंगटार्न 2023 से फियू थाई पार्टी की नेता भी हैं।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का संदर्भ
यह शिखर सम्मेलन बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) का छठा सम्मेलन है, जो महामारी के बाद पहली बार व्यक्तिगत रूप से आयोजित हो रहा है। इसकी थीम “समृद्ध, लचीला और खुला बिम्सटेक” है। सम्मेलन में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के नेता हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन हाल ही में म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप (27 मार्च 2025) की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसके चलते क्षेत्रीय सहयोग और आपदा प्रबंधन पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।