दिल्ली: शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने विपक्ष पर अल्पसंख्यकों को भड़काने और वोटों की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को दिल्ली में एक बयान में उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल लोगों के बीच विवाद पैदा करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहता है। म्हस्के ने विपक्षी नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि बुधवार को संसद में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने न तो वक्फ के मुद्दे पर और न ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन से संबंधित मामले पर एक भी शब्द क्यों नहीं बोला। उन्होंने कहा, “कल सदन में नेता प्रतिपक्ष केवल 10 मिनट के लिए मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने एक बार भी अपनी राय व्यक्त नहीं की।
यह सवाल सभी अल्पसंख्यकों को कांग्रेस और राहुल गांधी से पूछना चाहिए।” वक्फ संशोधन विधेयक पर मचा है बवाल वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली। यह विधेयक गुरुवार तड़के लोकसभा में 12 घंटे की लंबी चर्चा के बाद पारित हो गया। सरकार का दावा है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों, खासकर गरीब मुसलमानों के हित में है, लेकिन विपक्ष ने इसे “मुस्लिम विरोधी” करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनकी संपत्ति व निजी कानूनों पर कब्जा करने का हथियार बताया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि देश में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं और 2006 में सचर समिति ने 4.9 लाख संपत्तियों से 12,000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस विधेयक से वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का मुद्दा भी चर्चा में म्हस्के ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे को भी उठाया, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन केवल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण लागू हुआ। वक्फ संशोधन विधेयक अब राज्यसभा में पेश होने की तैयारी में है, जहां इस पर और गहरी बहस की उम्मीद है। इस बीच, विपक्ष और सत्तारूढ़ एनडीए के बीच तनातनी चरम पर पहुंच गई है।