मृत शिक्षिका को नोटिस भेजकर हड़कंप, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ शिक्षा विभाग का नया कारनामा
मोतिहारी। बिहार का शिक्षा विभाग एक बार फिर अपने “अनोखे और हास्यास्पद” निर्णयों को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला ऐसा है जिसने न केवल सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर किया, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या अब मृतकों से भी जवाब मांगा जाएगा?
मोतिहारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने अरेराज प्रखंड के यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स स्कूल की शिक्षिका उर्मिला कुमारी, जिनकी मृत्यु एक साल पहले हो चुकी है, से ई-शिक्षा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज न करने और स्कूल में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा है। यही नहीं, पत्र में कहा गया है कि अगर 24 घंटे के भीतर जवाब नहीं मिला, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह पत्र शिक्षा विभाग की उस तकनीकी लापरवाही और मानवीय संवेदना की कमी को दिखाता है, जिसमें मृतक शिक्षिका की सेवा समाप्ति की जानकारी अब तक अपडेट नहीं की गई। प्रश्न यह है कि – क्या यमलोक तक DEO का नोटिस पहुंचेगा? और क्या उर्मिला कुमारी परलोक से जवाब भेज पाएंगी?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब DEO कार्यालय ने 3 अप्रैल को ई-शिक्षा कोष ऐप पर सभी शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा की। 969 शिक्षक अनुपस्थित मिले, 265 ने बिना अनुमति ऑन ड्यूटी दर्ज किया और 5764 ने उपस्थिति तो दर्ज की लेकिन “मार्क आउट” नहीं किया। इसी सूची के क्रमांक 52 पर मृत शिक्षिका का नाम देखकर लोग हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर यह नोटिस अब जोक और आलोचना दोनों का केंद्र बन चुका है।