Bihar News: बिहार के समस्तीपुर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का ऐसा मामला सामने आया जिसने न केवल अस्पताल परिसर की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि यह भी दिखा दिया कि वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास किस हद तक लोगों की सोच पर हावी है। सदर अस्पताल में सोमवार देर रात एक भगत ने दावा किया कि वह सांप के काटने से मृत 15 वर्षीय किशोर को जिंदा कर सकता है। यह नजारा पोस्टमार्टम हाउस के बाहर करीब आधे घंटे तक चलता रहा और वहां मौजूद लोग तमाशा देखते रहे।
मामला मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के राजा जान गांव का है, जहां रंजीत पासवान के पुत्र झामन कुमार को रविवार रात सोते समय सांप ने काट लिया था। परिजन उसे इलाज के लिए दलसिंहसराय ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया। इसी बीच मोहिउद्दीननगर के अखिलेश कुमार राय नामक भगत अस्पताल पहुंचा और दावा करने लगा कि उसके पास मृतक को 24 घंटे के भीतर जिंदा करने की शक्ति है।
भगत ने हेलमेट पहने हुए तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और कोड़ा मारने जैसी क्रियाएं कीं। कभी मृतक की छाती पर हाथ रखकर धड़कन तलाशता, तो कभी नब्ज टटोलता। उसका एक साथी मृतक के पैरों के तलवे दबाता रहा। परिजन और अस्पताल में मौजूद लोग इस उम्मीद में खड़े रहे कि शायद कोई चमत्कार हो जाए। करीब 30 मिनट के प्रयास के बाद भगत ने हाथ जोड़कर परिजनों से माफी मांगी और कहा कि मौत को कई घंटे हो चुके हैं, इसलिए अब वह कुछ नहीं कर सकता।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. पी.डी. शर्मा ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मृत व्यक्ति को किसी भी माध्यम से जिंदा करना संभव नहीं है और इस तरह की हरकतें केवल परिजनों के दुख का फायदा उठाने की कोशिश हैं। मेडिकल विज्ञान के अनुसार, मौत के बाद शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली बंद हो जाती है, जिसे किसी भी तरह वापस चालू नहीं किया जा सकता।
















