राजद (RJD) सांसद मनोज झा (Manoj Jha) ने कहा कि “यह चुनाव प्रचार किसी दल का नहीं बल्कि जनता का अभियान बन चुका है। जब जनता खुद प्रचार का जिम्मा उठा लेती है, तब नेताओं और पार्टियों की भूमिका सीमित हो जाती है।” उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि आरजेडी इस बार अपने पारंपरिक जनाधार के साथ-साथ जनता के मूड पर भी भरोसा कर रही है।
मनोज झा ने यह भी कहा कि इस चुनाव में जनता खुद मुद्दों को लेकर आगे आई है और यही लोकतंत्र की असली ताकत है। उनके अनुसार, यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि जनभावनाओं के उभार का चुनाव है।
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राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “गिरिराज सिंह का मंत्रालय अब ‘हिंदू-मुस्लिम’, ‘हलाल-झटका’ जैसे मुद्दों तक सीमित हो गया है। उन्हें इस बात की चिंता है कि अब उनकी ही पार्टी में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।” इस बयान से झा ने बीजेपी के भीतर की आंतरिक राजनीति पर भी परोक्ष हमला किया।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए मनोज झा ने कहा कि “प्रधानमंत्री जब प्रचार के लिए आते हैं तो उन्हें विकास और जनकल्याण की बात करनी चाहिए, लेकिन उनकी भाषा और शैली में गिरावट साफ दिखाई देती है। हमने किसी प्रधानमंत्री को इतनी असंवेदनशील भाषा में बोलते नहीं देखा।” झा का यह बयान विपक्षी एकता और नैतिक राजनीति के विमर्श को हवा देता है।
इसके अलावा झा ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह पर राजद के ट्वीट को लेकर कहा कि “हमने चुनाव आयोग से इस मामले में शिकायत की है। प्रधानमंत्री से पूछना चाहिए कि जब उनके सहयोगी मंत्री पर आरोप लग रहे हैं, तब उनकी चुप्पी क्यों है। क्या यही ‘सुशासन’ है या यह एक नए रूप का ‘जंगल राज’ है?”






















