बिहार में सत्ता परिवर्तन की तैयारियां अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की नई पारी को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सोमवार को सुबह 11:30 बजे बुलाई गई कैबिनेट बैठक को नई सरकार गठन की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। इस बैठक में मौजूदा सरकार के सामूहिक इस्तीफे का प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसके बाद नीतीश कुमार सीधे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और इसी के साथ राज्य में एनडीए के नए शासन का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने चुनाव बाद जनता द्वारा दिए गए भारी जनादेश को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों के लिए यह जनादेश सत्ता के साथ जिम्मेदारी भी देता है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार गठन को लेकर एनडीए में बातचीत लगभग अंतिम चरण में है और जल्द ही नई कैबिनेट का स्वरूप साफ हो जाएगा। उनके बयान से यह समझ आता है कि इस बार एनडीए एक संतुलित और साझा निर्णय आधारित सरकार देने की कोशिश में है।
आज नीतीश कुमार देंगे CM पद से इस्तीफा.. बिहार सरकार की कैबिनेट मीटिंग
इस बीच मंत्री पदों के बंटवारे को लेकर एनडीए की अंदरूनी तैयारियां भी पूरी रफ्तार पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार छह विधायकों पर एक मंत्री पद का फार्मूला लागू किया जा सकता है, जिससे सरकार में प्रतिनिधित्व का संतुलित ढांचा तैयार किया जा सके। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े इस कवायद को अंतिम रूप देने के लिए आज पटना पहुंच रहे हैं। पहले दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है और दूसरे चरण की रणनीतिक बैठक आज होने की संभावना है। इसी क्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर चुके हैं, जो संकेत देता है कि गठबंधन के भीतर पदों को लेकर सहमति बनने लगी है।
भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी कि मंगलवार सुबह 10 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें विधायक दल के नेता के चुनाव के बाद एनडीए सरकार गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी कर ली जाएगी। यह बैठक नई सरकार के सत्ता ढांचे की दिशा तय करने में अहम होगी।
चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए अब इस कोशिश में है कि नए मंत्रिमंडल में हर दल को संतुलित प्रतिनिधित्व मिले। भाजपा और जदयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़कर लगभग बराबर प्रदर्शन किया है, और अब दोनों दल मंत्रिमंडल में भी समान भागीदारी पर सहमत बताए जा रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दोनों दलों के बीच बराबर-बराबर मंत्री पद पर सहमति बन चुकी है। इसके अलावा चिराग पासवान की लोजपा-आर को दो मंत्री पद और जीतन राम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को एक-एक मंत्री पद देने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे साफ है कि एनडीए अपने सहयोगियों को साथ लेकर एक स्थिर और मजबूत सरकार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।






















