RJD Meeting Patna: पटना में आज हुई राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अहम बैठक ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। चुनावी हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई और सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। बैठक में सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को RJD विधायक दल का नेता चुना गया, यानी वे विधानसभा में पार्टी के नेता की भूमिका निभाएंगे।
बैठक के बाद बाहर निकले वरिष्ठ नेता जगदानंद सिंह ने सबसे तीखा बयान देते हुए दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का दुरुपयोग हुआ है और परिणाम किसी भी परिस्थिति में स्वाभाविक नहीं कहे जा सकते। उनका कहना था कि चुनाव का जो जनादेश सामने आया है, वह जनभावना का प्रतिबिंब नहीं है, बल्कि मशीनों की सेटिंग और टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट का परिणाम है।
इसी दौरान पार्टी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह का नतीजा एनडीए के पक्ष में आया है, वह दुनिया की किसी भी लोकतांत्रिक प्रणाली में संभव नहीं। उनका कहना था कि 90 प्रतिशत स्ट्राइक रेट किसी राजनीतिक दल का प्राकृतिक परिणाम नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि यह जनादेश जनता का नहीं, बल्कि मशीनरी प्रबंधन का प्रतीक है, जिसे समझना कठिन नहीं।
बैठक में Rabri Devi, जगदानंद सिंह, उदय नारायण चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी राय रखते हुए कहा कि इस बार जो परिणाम जनता के सामने आए हैं, उन्हें न जनता पचा पा रही है और न ही राजनीतिक दल। नेताओं का कहना था कि ज़मीन पर मिले भारी समर्थन के बावजूद सीटों की संख्या उम्मीद से काफी कम आई, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
RJD की रणनीतिक चर्चा में यह साफ हुआ कि पार्टी अब इस जनादेश को साधारण हार के रूप में नहीं देख रही। सूत्रों के अनुसार, RJD इस पूरे चुनाव परिणाम और EVM के उपयोग के तरीके को कानूनी चुनौती देने की तैयारी में है। पार्टी का मानना है कि जब चुनावी आंकड़े और ग्राउंड रिपोर्ट कुछ और कह रहे हों, और परिणाम बिल्कुल विपरीत आए, तो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जांच जरूरी है।






















