बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) परिणाम ने इस बार कई दिलचस्प राजनीतिक समीकरणों को जन्म दिया है। इनमें सबसे बड़ा नाम भाजपा के दो दिग्गज नेताओं सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का है, जो दोबारा पार्टी कोटे से उपमुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि दोनों नेताओं को इस बार लगभग बराबर वोट मिले। इसके अलावा जदयू के कौशल किशोर को 107811 वोट मिले हैं. वहीँ बीजेपी के केदार गुप्ता को उतना ही 107811 मत मिले हैं। इसको लेकर राजद ने सवाल उठाया है. और चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए लिखा है कि इन दोनों छात्रों ने मास्टर ज्ञानेश कुमार गुप्ता को खाली कॉपी जमा किया था। मास्टर साहब ने माथापच्ची और भेदभाव किए बिना दोनों को एक जैसे ही अंक दे दिए।
सम्राट चौधरी ने पहली बार तारापुर सीट से चुनाव लड़ा और आरजेडी के अरुण कुमार को बड़े अंतर, यानी 45,843 वोटों से हराया। इससे पहले वह परबत्ता सीट से चुनाव लड़ते रहे और दो बार विधायक भी रह चुके हैं। इस बार तारापुर में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन सम्राट चौधरी की मजबूत पकड़ और संगठनात्मक प्रभाव ने उन्हें भारी जीत दिलाई। चौधरी को कुल 1,22,480 वोट मिले, जिसने उन्हें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पहली पसंद के रूप में फिर स्थापित किया।
उधर, लखीसराय में विजय कुमार सिन्हा ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर यह सिद्ध किया कि उनकी पकड़ अपने क्षेत्र में बेहद मजबूत है। उन्हें कुल 1,22,408 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी अमरेश कुमार को 24,940 वोटों से मात दी। यहां भी मुकाबला बहु-कोणीय था, लेकिन वास्तविक टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही देखने को मिली।
दिलचस्प यह कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के मतों में मात्र 72 वोट का अंतर रहा, यह अपने आप में पूरे चुनाव में सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में से एक बनकर उभरा है। यह समानता इस बात का संकेत है कि दोनों नेताओं की लोकप्रियता न केवल स्थायी है बल्कि पार्टी के समर्थक वर्ग में समान रूप से मजबूत है।
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सिर्फ यही नहीं, भाजपा के अन्य उम्मीदवारों के वोट पैटर्न ने भी चर्चा को जन्म दिया है। सुपौल जिले की छातापुर सीट से नीरज कुमार सिंह को 1,22,491 वोट मिले, वहीं पूर्णिया की बनमखी सीट से कृष्ण कुमार ऋषि ने 1,22,494 वोट हासिल किए—यानि नीरज से सिर्फ 4 वोट ज्यादा। इसके अतिरिक्त भागलपुर के रोहित पांडेय और इस्लामपुर के जदयू उम्मीदवार रुहल रंजन के वोट भी लगभग एक समान रहे। पूर्णिया के विजय खेमका और लालगंज के संजय सिंह के वोटों में भी बेहद मामूली अंतर सामने आया है।
इन तमाम आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि मतदाता व्यवहार इस बार कई क्षेत्रों में एक समान रहा। चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि तारापुर, लखीसराय, छातापुर और बनमखी में मतदान प्रतिशत भी लगभग एक जैसा था। तारापुर में 58.9%, लखीसराय में 61%, छातापुर में 63.2% और बनमखी में 60.7% वोटिंग हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मतदान और शहरी इलाकों में अपेक्षाकृत कम मतदान ने यह दर्शाया कि इस बार की वोटिंग पैटर्न काफी संतुलित लेकिन पूर्वानुमान से अलग रहा।






















