पटना की अति संवेदनशील बेऊर जेल (Bihar Beur Jail Raid) में शनिवार तड़के बड़ा प्रशासनिक ऑपरेशन चलाया गया, जिसने जेल परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। सुबह करीब 5 बजे सिटी एसपी पूर्वी, सिटी एसपी मध्य और एडीएम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ अचानक छापेमारी की कार्रवाई शुरू हुई। अभियान करीब तीन घंटे तक चला और जेल के हर बैरक, परिसर, कमरा, वॉशरूम और खुले क्षेत्रों की कड़ी तलाशी ली गई। अचानक हुई रेड से कैदियों और जेल कर्मियों के बीच जबरदस्त खलबली मच गई, जबकि प्रशासनिक टीम के बाहर निकलने के बाद स्थितियां सामान्य हुईं।
बेऊर जेल इन दिनों खास सुर्खियों में इसलिए भी है क्योंकि मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार होने के बाद यहीं कैद हैं। सुरक्षा और अपराध नियंत्रण की दृष्टि से यह जेल राज्य की सबसे संवेदनशील जेलों में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह की औचक कार्रवाई के राजनीतिक और प्रशासनिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
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सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद पुलिस एक्शन मोड में है और राज्य की जेलों में ‘सिस्टम क्लीनिंग’ की मुहिम चल रही है। हाल के दिनों में कई जिलों से अपराध की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका लिंक अक्सर जेल के भीतर बैठे अपराधी नेटवर्क से जुड़ता रहा है। खगड़िया में शुक्रवार को भाजपा नेता पर गोलीकांड और सीवान में ज्वेलरी दुकान पर हमला उसी घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया।
बेऊर जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा ने बताया कि पूरी छापेमारी एसडीएम की नेतृत्व वाली टीम ने की और जेल प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया। तलाशी में एक भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है और जेल की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था हमेशा अलर्ट मोड में रखी जाती है ताकि किसी भी आपराधिक नेटवर्क को पनपने का मौका न मिले।





















