बिहार में उद्यमिता (Bihar Entrepreneurship) को नई दिशा देने और स्टार्टअप इकोसिस्टम को ज़मीन से जोड़ने की कोशिशों के बीच आज बिहार उद्यमी संघ (BEA) का प्रतिनिधिमंडल राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से उनके आवास पर मिला। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि बिहार के आर्थिक भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण विमर्श साबित हुई, जिसमें स्टार्टअप्स, MSMEs, वित्तीय सशक्तिकरण और उद्योग विकास जैसी अहम चुनौतियों व संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।

डॉ. जायसवाल ने बिहार उद्यमी संघ के 14 वर्षों के योगदान को राज्य की आर्थिक मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि बिहार अब सिर्फ उपभोक्ता राज्य बने रहने की स्थिति में नहीं, बल्कि उत्पादन, नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार उद्यमियों के लिए अधिक सहयोगी वातावरण तैयार करने और बिजनेस-फ्रेंडली नीतियों को और मजबूत करने को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान बीईए अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में संगठन ने जिला स्तर पर उद्यमिता का ऐसा नेटवर्क खड़ा किया है जिससे हज़ारों युवाओं को न केवल मार्गदर्शन मिला बल्कि स्थानीय बिजनेस मॉडल्स को भी मजबूत आधार मिला। उन्होंने बताया कि छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को जमीन पर उतरने के लिए निरंतर सहयोग, मेंटरशिप और एक विश्वसनीय नेटवर्क की आवश्यकता होती है, जिसे बीईए ने बखूबी निभाया है।
वित्त से जुड़े मुद्दों पर कोर कमिटी सदस्य पंकज कुमार ने स्पष्ट किया कि टिकाऊ उद्यमिता तभी संभव है जब MSME और स्टार्टअप्स को आसान फाइनेंसिंग, विशेष राहत योजनाएँ और वित्तीय संस्थानों से सरल प्रक्रियाओं के रूप में समर्थन मिले। उनकी राय में बिहार में स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए क्रेडिट एक्सेस को आसान बनाना समय की मांग है।
स्टार्टअप और छोटे उद्यमियों की जरूरतों पर कोर कमिटी सदस्य ओंकार कुमार ने कहा कि यदि उद्योग विभाग नीति निर्माण, मार्केट लिंकज और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में और मज़बूती लाए, तो बिहार के युवा बड़े स्तर पर नई ऊँचाइयों को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में भी उद्यमिता की क्षमताएं तेजी से उभर रही हैं, जिन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है।
मंत्री डॉ. जायसवाल ने यह भी कहा कि बिहार अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां स्थानीय उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि राज्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने बीईए टीम को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही बीईए उद्यमी भवन का दौरा करेंगे और राज्य में उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए संघ द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार आगामी समय में नई नीतियों और कार्यक्रमों की घोषणा कर सकती है, जो स्टार्टअप और उद्यमी समुदाय को नई ऊर्जा देंगे।






















