बिहार में पछुआ हवा (Bihar Weather Update) के तेज़ असर ने मौसम को बेहद सर्द बना दिया है। राज्यभर में तापमान लगातार गिर रहा है और कई जिलों में न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सुबह के समय कोहरे की मोटी चादर पसरी रही, जिसके कारण सड़क मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को कम दृश्यता की वजह से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में दृश्यता घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई, जिससे यातायात की रफ्तार थम सी गई। ठंड का बढ़ता असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह-सुबह घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम दिख रही है।
पटना, बेगूसराय, पूर्णिया, पश्चिमी व पूर्वी चंपारण, रोहतास, सारण, भागलपुर, बांका और किशनगंज सहित कई जिलों में कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। रेल और सड़क परिवहन पर भी इसका असर दिखा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली पछुआ हवा 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है, जिसके कारण ठंड में लगातार इजाफा हो रहा है। तापमान में गिरावट का यह क्रम आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
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बढ़ती ठंड को देखते हुए पटना प्रशासन ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अब कोई भी स्कूल कक्षा 8वीं तक सुबह 8:30 बजे से पहले नहीं खुल सकेगा। यह निर्देश बच्चों को तेज़ ठंड से बचाने के लिए जारी किया गया है और तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जिन अभिभावकों को सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजने में कठिनाई हो रही थी, उनके लिए यह राहत भरा निर्णय माना जा रहा है।
राज्यभर के मौसम आंकड़ों पर नज़र डालें तो 10 दिसंबर की सुबह दर्ज किए गए तापमान में बक्सर सबसे ठंडा जिला रहा। इसके अलावा मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, भागलपुर (साबौर) और किशनगंज में भी तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार गिरते तापमान और कोहरे के कारण शीतलहर जैसे हालात बन रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक बिहार में ठंड और कोहरे की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे जनजीवन पर और असर पड़ेगा।




















