बिहार की सियासत में एक अहम संगठनात्मक बदलाव के तहत भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को संजय सरावगी (Sanjay Sarawagi) ने औपचारिक रूप से बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने निवर्तमान अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की जगह ली है, जो वर्तमान में राज्य सरकार में उद्योग मंत्री की भूमिका निभा रहे हैं। यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब बीजेपी बिहार में संगठन को और मजबूत कर आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है।

पदभार ग्रहण समारोह के दौरान माहौल पूरी तरह उत्सवपूर्ण रहा। निवर्तमान अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे संगठन के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि संजय सरावगी एक अनुभवी संगठनकर्ता हैं, जिन्होंने दरभंगा से लगातार चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक क्षमता साबित की है। उनके मुताबिक सरावगी का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के विचार से मेल खाता है, जो संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करेगा।
दिलीप जायसवाल ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि करीब 17 महीनों तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में काम करने का अवसर मिला और इस दौरान पार्टी नेतृत्व व कार्यकर्ताओं का सहयोग उन्हें हमेशा मिला। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि संजय सरावगी जैसे अनुभवी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने बिहार में संगठन को नई दिशा देने का फैसला किया है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उनके कार्यकाल में नितिन नबीन को बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली, जो बिहार संगठन के लिए सम्मान की बात है।
बिहार में एनडीए सरकार के गठन का जिक्र करते हुए जायसवाल ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की एकजुटता का नतीजा है। उन्होंने भरोसा जताया कि संजय सरावगी के नेतृत्व में बिहार बीजेपी परिवार न सिर्फ संगठनात्मक रूप से मजबूत होगा, बल्कि जनता से जुड़ाव भी और गहरा होगा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह नियुक्ति पार्टी के भीतर संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है।

संजय सरावगी का राजनीतिक सफर लंबे अनुभव और निरंतर चुनावी सफलता से जुड़ा रहा है। 28 अगस्त 1969 को दरभंगा शहर के गांधी चौक इलाके में जन्मे सरावगी ने एम.कॉम और एमबीए तक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की और 1995 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। साल 2005 में उन्होंने पहली बार दरभंगा सदर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और इसके बाद नवंबर 2005, 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार विधायक चुने गए।
विधानसभा के साथ-साथ संजय सरावगी का अनुभव स्थानीय निकाय और संसदीय समितियों में भी रहा है। वे दरभंगा नगर निगम में वार्ड पार्षद रह चुके हैं और 2018 में बिहार विधानसभा की एस्टीमेट कमेटी के चेयरमैन के रूप में भी काम कर चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें संगठन और प्रशासन दोनों का अनुभवी चेहरा माना जाता है।






















