Bihar Home Land Registry: नीतीश सरकार अब डिजिटल ईज-ऑफ-लिविंग की दिशा में एक नया कदम बढ़ाने जा रही है। बिहार में अब ऐसे बुजुर्ग नागरिक जिनकी उम्र 80 वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राज्य सरकार की नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री सेवा सीधे बुजुर्गों के घर पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सात निश्चय-3 के ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ संकल्प के तहत लिया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली दिक्कतों को न्यूनतम करना है।

अब तक राज्य में कई ऐसे उदाहरण सामने आते रहे हैं जहां 80+ उम्र के लोगों को गिरती सेहत, दूरी या असुविधा के कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार ने इस परिस्थिति को बदलने के लिए मोबाइल रजिस्ट्री यूनिट की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से दस्तावेजों की प्रक्रिया तय समय सीमा में पूरी होगी। आवेदन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद विभागीय टीम निर्धारित दिन पर आवेदक के घर पहुंचकर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि हर रजिस्ट्री कार्य को सात कार्य दिवस के भीतर पूरा किया जाए।
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सरकार ने एक और अहम बदलाव की घोषणा की है, जिसके अनुसार अब जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को रजिस्ट्री से पहले भूमि की अद्यतन स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अक्सर खरीदारों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती कि भूमि पर कोई विवाद, दखल या बकाया है या नहीं। नई व्यवस्था में निबंधन विभाग चंद दिनों में अंचल कार्यालय से रिपोर्ट लेकर भूमि की वास्तविक स्थिति खरीदार को उपलब्ध कराएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी की संभावनाएं कम होंगी।
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इन दोनों व्यवस्थाओं को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे बुजुर्गों का जीवन काफी आसान होगा और जमीन खरीद-बिक्री के मामलों में स्पष्टता आएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक पोस्ट में यह भी कहा कि राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्यवासियों से इस व्यवस्था पर सुझाव साझा करने की अपील भी की है, जिसके लिए 19 जनवरी 2026 तक समय निर्धारित किया गया है।


















