बिहार की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस में टूट को लेकर चल रही चर्चाओं पर कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh on Congress) ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एनडीए नेताओं के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस में टूट की बातें कोई नई नहीं हैं। 2020 से लेकर 2025 तक बार-बार इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन किसी के चाहने मात्र से कांग्रेस में टूट नहीं होने वाली। अखिलेश सिंह ने कहा कि एनडीए के कुछ नेताओं को “छपास की बीमारी” है, इसलिए वे सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान देते रहते हैं।
कांग्रेस सांसद ने चूड़ा-दही भोज को लेकर उठे विवाद पर भी विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस के सभी विधायक अलग-अलग जिलों में रहते हैं और कई विधायक 200 से 300 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ऐसे में कोई भी विधायक सिर्फ चूड़ा-दही खाने के लिए इतनी लंबी दूरी तय नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर इसे लेकर यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि कांग्रेस विधायक नाराज हैं, तो यह पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है। अखिलेश सिंह के मुताबिक कांग्रेस संगठन में किसी तरह की नाराजगी नहीं है और इस तरह की बातें सिर्फ राजनीतिक माहौल को गर्म करने के लिए फैलाई जा रही हैं।
कांग्रेस विधायक दल यानी सीएलपी के चुनाव को लेकर हो रही देरी पर भी अखिलेश सिंह ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह कोई असामान्य बात नहीं है और जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है और उसके साथ ही संगठनात्मक मुद्दों पर भी निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि कांग्रेस पूरी तरह संगठित है और आने वाले समय में सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होंगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस सांसद ने विकास के मुद्दे को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यात्रा पर निकलना एक अच्छी बात हो सकती है, लेकिन बिहार की हकीकत यह है कि आज भी राज्य प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश में सबसे पिछड़ा हुआ है। अखिलेश सिंह ने कहा कि बिहार को वास्तव में समृद्ध बनाने के लिए ठोस नीतियों और जमीन पर काम करने की जरूरत है। केवल यात्राएं करने से नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग पर फोकस करके ही बिहार की तस्वीर बदली जा सकती है।






















