रविवार की रात औरंगाबाद में एक असामान्य लेकिन बेहद प्रतीकात्मक दृश्य देखने को मिला, जब बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश (Deepak Prakash) टॉर्च हाथ में लेकर निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। दिन के उजाले के बजाय रात के अंधेरे में किया गया यह निरीक्षण महज एक दौरा नहीं, बल्कि यह स्पष्ट संकेत था कि सरकारी योजनाओं की निगरानी अब फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर उतरकर हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
दीपक प्रकाश दो दिवसीय दौरे पर रविवार देर शाम औरंगाबाद पहुंचे थे। आगमन के तुरंत बाद उन्होंने विश्राम के बजाय ओबरा प्रखंड कार्यालय परिसर में बन रहे पंचायत सरकार भवन का रुख किया। अंधेरा होने के कारण उन्होंने टॉर्च की रोशनी में ही निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुपालन की जानकारी ली। यह दृश्य अपने आप में प्रशासनिक सतर्कता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का संदेश दे रहा था।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेताया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से समझौता करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीण जनता के भरोसे के साथ भी खिलवाड़ है। मंत्री ने यह भी कहा कि हर ईंट और हर संरचना तय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, क्योंकि पंचायत सरकार भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रशासन की बुनियाद है।
दीपक प्रकाश ने अपने निरीक्षण के दौरान यह भी रेखांकित किया कि वे राज्य भर में चल रही योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए लगातार दौरे कर रहे हैं। औरंगाबाद में उनका यह औचक निरीक्षण उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कागजी प्रगति और वास्तविक स्थिति के बीच के अंतर को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन ऐसे केंद्र होंगे, जहां ग्रामीणों को एक ही परिसर में कई प्रशासनिक सुविधाएं मिलेंगी, इसलिए इनका मजबूत, टिकाऊ और समयबद्ध निर्माण बेहद जरूरी है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और यदि कहीं से भी शिकायत प्राप्त होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह के औचक निरीक्षण और तेज किए जाएंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायने में आम जनता तक पहुंचे।






















