Katihar Murder News: कटिहार जिले में आधी रात जो हुआ, उसने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। बेखौफ अपराधियों ने जिस तरह एक महिला को उसके घर के बाहर गोलियों से भून डाला, उसने न सिर्फ पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया बल्कि यह भी जता दिया कि अपराधियों के मन में पुलिस का डर अब भी नदारद है। खड़ी गांव की उस अंधेरी रात में गोलियों की आवाज ने नींद नहीं, भरोसा तोड़ा है।
घटना कटिहार के बलिया बेलौन थाना क्षेत्र के चंद्रपुर पंचायत अंतर्गत खड़ी गांव की है। देर रात करीब उस वक्त, जब गांव की गलियां सुनसान थीं, 35 वर्षीय नुझहत बानो जैसे ही घर से बाहर निकलीं, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। छह से अधिक गोलियां, वह भी सीधे चेहरे और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर, यह साफ इशारा करती हैं कि हत्या सिर्फ जान लेने के लिए नहीं, बल्कि दहशत फैलाने के इरादे से की गई।
नुझहत बानो की मौके पर ही मौत हो गई। उनका चेहरा इस कदर क्षत-विक्षत कर दिया गया कि शव को देखकर गांव वालों की रूह कांप उठी। खून से लथपथ जमीन, गोलियों की खोखली और सन्नाटा… यह मंजर अब भी ग्रामीणों की आंखों के सामने ताजा है। अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए और पीछे छोड़ गए सवालों का अंबार।
मृतका नुझहत बानो, सिकंदर मंडल की दूसरी पत्नी बताई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सिकंदर मंडल अपनी पहली पत्नी के साथ दिल्ली में रहते हैं, जबकि नुझहत बानो गांव में अपने बुजुर्ग ससुर के साथ रह रही थीं। इस वजह से हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश, आपसी दुश्मनी या किसी गहरी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अब तक हत्या की ठोस वजह सामने नहीं आ सकी है।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल है। हर जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर नुझहत बानो का कसूर क्या था? क्या बिहार में अब महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी सुरक्षित नहीं हैं? लोगों का कहना है कि जिस बेरहमी से हत्या की गई, वह किसी साधारण अपराध की ओर इशारा नहीं करती।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे अपराधियों के मन में डर पैदा हो। लोगों ने एसपी से मांग की है कि वह खुद इस मामले की निगरानी करें और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलवाएं, ताकि क्षेत्र का शांतिपूर्ण माहौल दोबारा बहाल हो सके।
पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एफएसएल टीम को बुलाया गया है, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
लेकिन सवाल सिर्फ इस एक केस का नहीं है। सवाल यह है कि क्या बिहार में अपराधियों को अब सत्ता और प्रशासन का कोई डर नहीं रहा? जिस तरह खुलेआम आधी रात एक महिला को गोलियों से छलनी किया गया, वह सीधे-सीधे कानून को चुनौती है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कार्रवाई और एनकाउंटर की बातों के बावजूद, अपराधियों के मन में वह खौफ अभी भी पैदा नहीं हो पाया है, जिसकी बिहार को जरूरत है।
कटिहार की यह वारदात कोई अकेली घटना नहीं है। हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों से इस तरह की सनसनीखेज घटनाएं सामने आई हैं, जिसने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है। खासकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध सरकार और पुलिस दोनों के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि कटिहार पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती दिखाती है। क्या यह केस भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद फाइलों में दब जाएगा या फिर इस बार अपराधियों को ऐसी सजा मिलेगी, जो भविष्य में अपराध करने से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर कर दे?
फिलहाल, खड़ी गांव में सन्नाटा है, डर है और एक परिवार है, जो इंसाफ की आस लगाए बैठा है।






















