राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठनात्मक स्तर पर एक ऐतिहासिक और दूरगामी फैसला लेते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि राजद की भविष्य की राजनीति, नेतृत्व संरचना और राष्ट्रीय विस्तार की रणनीति का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने औपचारिक रूप से तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें संगठन की अहम कमान सौंपी है।

राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर से आए प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक का संदेश साफ था कि पार्टी अब युवा नेतृत्व, संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक विस्तार के साथ नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर रही है। तेजस्वी यादव की भूमिका अब सिर्फ सदन या चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे संगठन निर्माण, कैडर एक्टिवेशन और विचारधारा के प्रसार की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
RJD सांसद मीसा भारती ने इस फैसले को पार्टी और बिहार के लिए खुशी का क्षण बताया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय जनता दल को अब एक ऐसा कार्यकारी अध्यक्ष मिला है जो जिम्मेदारी और अपेक्षाओं दोनों को समझता है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता इस नई जिम्मेदारी को निभाने में तेजस्वी यादव के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। यह बयान साफ तौर पर आंतरिक एकजुटता और नेतृत्व के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
राजद नेता संजय यादव ने इस नियुक्ति को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में तेजस्वी यादव ने एक अनुशासित सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के लिए काम किया, बिना किसी औपचारिक पद के। अब उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपना उनके अनुभव, समर्पण और राजनीतिक परिपक्वता की स्वीकृति है। संजय यादव के मुताबिक तेजस्वी यादव अब पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करेंगे और राजद की विचारधारा को राष्ट्रीय स्तर पर फैलाने का काम करेंगे।
तेजस्वी यादव की उम्र भले ही युवा हो, लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव लंबा और बहुआयामी रहा है। उन्होंने बिहार की सत्ता, विपक्ष और सड़क की राजनीति—तीनों को करीब से देखा है। यही वजह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने एक मत से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी। तेजस्वी यादव ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे लालू प्रसाद यादव के त्याग, संघर्ष और सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे और राजद का झंडा पूरे देश में लहराने का प्रयास करेंगे।
राजद के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस फैसले को राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव युवाओं, मजदूरों और किसानों के बीच गहरी पकड़ रखते हैं और आज का दिन उस संकल्प का प्रतीक है, जिसमें लोकतंत्र और संविधान विरोधी ताकतों को सत्ता से बाहर करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह बयान राजद की वैचारिक लड़ाई और राष्ट्रीय विपक्ष की राजनीति में सक्रिय भूमिका की ओर इशारा करता है।
वरिष्ठ नेता आलोक कुमार मेहता के अनुसार, राजद हमेशा अपने मूल सिद्धांतों पर अडिग रही है और तेजस्वी यादव को नई जिम्मेदारी सौंपना पार्टी में नए रक्त के संचार जैसा है। उनका मानना है कि इससे देश और राज्य के युवाओं में उत्साह बढ़ेगा और पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी। यह नियुक्ति राजद के भीतर पीढ़ीगत संतुलन और नेतृत्व संक्रमण की एक सफल मिसाल के रूप में भी देखी जा रही है।






















