लोकजनशक्ति रामविलास पार्टी की समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी (Shambhavi Chaudhary Janta Darbar) ने आज आयोजित जनता दरबार के जरिए सीधे जनता से संवाद स्थापित कर एक बार फिर सक्रिय जनप्रतिनिधि की भूमिका को रेखांकित किया। इस जनता दरबार में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी वर्षों से लंबित समस्याओं को सांसद के सामने खुलकर रखा। जमीन विवाद, आपराधिक मामलों में पुलिस की निष्क्रियता, प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने जैसी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।

जनता दरबार के दौरान सांसद शांभवी चौधरी ने प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनी और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर जवाब-तलब किया। कुछ मामलों में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही उजागर होने पर सांसद ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगी।
सांसद ने कहा कि जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता से सीधे जुड़ने का सशक्त माध्यम है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि आम लोगों की आवाज सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि जनप्रतिनिधि का दायित्व सिर्फ संसद तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर समस्याओं का समाधान करना भी है।
नीट छात्रा मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर शांभवी चौधरी ने बेहद स्पष्ट और सख्त शब्दों में कहा कि इस मामले में दोषियों को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी व्यक्ति या अधिकारी इसमें शामिल हो, सभी के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यह मामला प्रदेश और देश स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं यूजीसी कानून को लेकर सवाल पूछे जाने पर सांसद ने कहा कि वह पहले इस कानून का गहन अध्ययन करेंगी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व चिराग पासवान के मार्गदर्शन में संसद के भीतर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर पार्टी का रुख छात्रों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा।






















