NEET Student Death: बिहार की राजनीति और प्रशासन एक बार फिर उस दर्दनाक सवाल के सामने खड़े हैं, जहां एक होनहार बेटी की मौत ने पूरे सिस्टम की संवेदनशीलता पर उंगली खड़ी कर दी है। नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की पटना के मेदांता अस्पताल में 11 जनवरी को हुई मौत के बाद मंगलवार 27 जनवरी 2026 को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पीड़ित परिवार से मिलने खुद जहानाबाद पहुंचे। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि उस टूटे हुए परिवार के जख्मों को सामने लाने वाला पल बन गई।

जैसे ही डिप्टी सीएम घर पहुंचे, छात्रा की मां अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकीं। वर्षों की उम्मीदें, बेटी के डॉक्टर बनने के सपने और अचानक छिन गया भविष्य—सब कुछ उनकी आंखों से बहता दिखा। मां ने रोते-बिलखते साफ शब्दों में कहा कि अगर उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिला तो वह भी जीने की वजह नहीं देखेंगी। उन्होंने सीधे तौर पर हॉस्टल संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बेटी को उन्होंने जिस भरोसे पर हॉस्टल में रखा था, वही भरोसा अब उनकी सबसे बड़ी पीड़ा बन गया है।
परिजनों की बातें सुनने के बाद विजय कुमार सिन्हा कुछ देर तक खामोशी से वहीं रुके। यह खामोशी कई सवालों की गूंज थी—क्या सिस्टम समय पर जागा होता तो एक जान बच सकती थी? बाहर निकलकर मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की अस्मिता और सुशासन की परीक्षा है। उन्होंने दो टूक कहा कि जो भी इस दरिंदगी या लापरवाही में शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
विजय सिन्हा ने यह भी साफ किया कि मामले की निगरानी उच्च स्तर पर हो रही है। डीजीपी खुद जांच की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, गृह मंत्री से बातचीत हो चुकी है और वह स्वयं भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। उनका कहना था कि चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है और कार्रवाई होकर रहेगी।
मीडिया के सवालों पर डिप्टी सीएम ने स्वीकार किया कि प्रारंभिक स्तर पर कुछ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी लापरवाही के चलते दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे गैरजिम्मेदार और लापरवाह लोगों को इससे सबक लेना चाहिए, क्योंकि किसी भी घटना की त्वरित और गंभीर जांच ही पीड़ित को न्याय दिला सकती है।

डीएनए सैंपल के लिए परिजनों के ब्लड सैंपल लिए जाने को लेकर उठे सवालों पर विजय सिन्हा ने कहा कि यह जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है। सरकार का लक्ष्य किसी को बचाना नहीं, बल्कि सच्चाई तक पहुंचना है।






















