Bhojpur teacher kidnapping: बिहार के बहुचर्चित कमलेश राय अपहरण कांड ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लखीसराय में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर अंजलि कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी केवल एक आरोपी की नहीं, बल्कि पूरे केस की दिशा बदलने वाला कदम मानी जा रही है। करीब डेढ़ साल से रहस्य बनी शिक्षक की गुमशुदगी अब एक हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के रूप में सामने आ रही है, जिसमें प्रेम संबंध और विश्वासघात की परतें खुलने लगी हैं।
भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के कोल्हरामपुर गांव निवासी कमलेश राय आरा में कोचिंग पढ़ाकर जीवन यापन करते थे। 13 जुलाई 2023 को वे एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, लेकिन इसके बाद कभी वापस नहीं लौटे। परिवार ने जब थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस के स्तर पर ही चलती रही। कई महीनों तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर परिजनों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत के निर्देश के बाद फरवरी 2024 में इस मामले की जांच CBI को सौंप दी गई।
CBI की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार शिक्षक कमलेश राय और महिला दारोगा अंजलि कुमारी के बीच करीबी संबंध थे। इसी दौरान एक तीसरा युवक भी इस रिश्ते में जुड़ गया, जो अंजलि कुमारी से प्रेम करता था। कुछ दिन पहले बक्सर से जिस युवक को पकड़ा गया था, उससे हुई पूछताछ में इस कथित लव ट्रायंगल की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि आपसी जलन और तनाव के चलते कमलेश राय की हत्या की साजिश रची गई।
जांच एजेंसी को यह भी संकेत मिले हैं कि अपहरण की कहानी दरअसल एक सोची-समझी योजना का हिस्सा थी, ताकि हत्या को गुमशुदगी में बदला जा सके। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर CBI ने महिला SI की भूमिका को संदिग्ध माना और अंततः गिरफ्तारी की कार्रवाई की। इस गिरफ्तारी ने बिहार पुलिस तंत्र में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि आरोपी खुद कानून की रखवाली करने वाली अधिकारी है।






















