Lalan Singh angry: मुंगेर में आयोजित जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक उस वक्त अचानक गरमा गई जब केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह अधिकारियों की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर नहीं आए। केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा के दौरान जैसे ही जल जीवन मिशन और पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट सामने आई, मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने से जनता को राहत नहीं मिलती, असली सवाल यह है कि लोगों के घरों तक पानी पहुंचा या नहीं।
बैठक में मौजूद बुडको (BUIDCO) के अधिकारियों से जब ललन सिंह ने पूछा कि सड़कें खोदकर पाइप तो बिछा दी गई हैं लेकिन अब तक घरों में पानी क्यों नहीं पहुंचा, तो जवाब से असंतुष्ट होकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि उन्हें योजनाओं की पूरी जानकारी है और 2009 से अब तक की हर स्थिति से वे वाकिफ हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें यह न सिखाया जाए कि योजना कब शुरू हुई और क्या हुआ, बल्कि यह बताया जाए कि आम लोगों को उसका लाभ कब मिलेगा।
ललन सिंह का आक्रोश केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे जनता की शिकायतों से जुड़ा हुआ था। कई इलाकों में महीनों पहले पाइपलाइन डाल दी गई, सड़कें खोद दी गईं, लेकिन पानी की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो सकी। इससे आम लोगों को न सिर्फ असुविधा हो रही है बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। मंत्री ने इसे योजनाओं की आत्मा के खिलाफ बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि हर घर तक पानी पहुंचे, न कि केवल बोर्ड और फाइलों में लक्ष्य पूरे दिखाए जाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान ललन सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का सीधा लाभ जनता को मिले। उन्होंने यह भी कहा कि विकास का मतलब सिर्फ खर्च और निर्माण नहीं है, बल्कि सेवा का जमीन पर उतरना ही असली सफलता है। बैठक में मौजूद वरीय अधिकारियों को साफ संकेत दिया गया कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुंगेर की इस बैठक ने यह साफ कर दिया कि सरकार अब केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि परिणाम चाहती है। पाइपलाइन बिछाने से ज्यादा जरूरी है कि लोगों के नलों से पानी निकले। ललन सिंह के सख्त तेवर यह दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए अब प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी।
















