Bihar big news today: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। एक ओर पटना में नीट छात्रा की रहस्यमयी मौत को लेकर सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए। जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले में परिजनों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका साफ कहना है कि उन्हें न तो बिहार पुलिस पर भरोसा है और न ही राज्य सरकार पर। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी में कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह मामला अब केवल आपराधिक जांच नहीं बल्कि राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी का भी सवाल बन चुका है।
इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार और पुलिस तंत्र पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आशंका जताई कि यह मामला कहीं हर्ष नवरीना केस की तरह लंबा और उलझा हुआ न बन जाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि असल विफलता पुलिस की नहीं बल्कि उस तंत्र की है जो भ्रष्टाचार और समझौतों में उलझा हुआ है। उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया है।
भूमि सुधार को लेकर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भी आज सख्त नजर आए। दरभंगा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने जमीन से जुड़ी शिकायतों पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि मार्च तक अगर सुधार नहीं हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। दलाली करने वालों के खिलाफ भी उन्होंने खुला संदेश दिया कि अब उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। यह बयान दर्शाता है कि सरकार भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कठोर रुख अपनाने के मूड में है।
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी बयानबाजी तेज रही। एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल इमाम ने अजान की तेज आवाज पर सवाल उठाकर नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने मुसलमानों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि धार्मिक परंपराओं में भी संतुलन जरूरी है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी मुस्लिम आबादी में बढ़ोतरी और कथित घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने स्थानीय मुसलमानों से अपील की कि वे घुसपैठियों को बाहर निकालने में सहयोग करें। साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उनका यह बयान एक बार फिर जनसंख्या और पहचान की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ले आया है।
राजनीतिक हलकों में उस वक्त नया विवाद खड़ा हो गया जब पूर्व मंत्री और जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना स्थित अपना सरकारी आवास खाली किया। आरोप लगा कि बंगले से फर्नीचर, पंखा, एसी और बल्ब तक गायब हैं। नए आवंटी मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि यह आवास रहने लायक नहीं है और इसकी मरम्मत जरूरी है। इससे पहले तेजस्वी यादव पर भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय बन गया है।
शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना हाई कोर्ट के आदेश के बाद निगरानी ब्यूरो की जांच में उनके इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। यह घटना राज्य में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत शिक्षा विभाग ने निजी शिक्षण संस्थानों की जांच के आदेश दिए हैं। पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, रोहतास और औरंगाबाद के 15 संस्थानों की जांच शुरू की गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र सही संस्थानों में पढ़ाई करें और योजना का दुरुपयोग न हो।
नालंदा जिले से सामने आया पुलिस बर्बरता का वीडियो प्रशासन के लिए शर्मनाक साबित हुआ। थरथरी थाना अध्यक्ष द्वारा एक महिला के साथ मारपीट और बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे सुशासन के दावों पर सवाल उठे हैं। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
मनोरंजन और निजी जीवन से जुड़ा मामला भी सुर्खियों में रहा। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने रिश्तों, शादी और तलाक पर सवाल उठाते हुए लिखा कि अक्सर दोष महिलाओं पर डाल दिया जाता है। यह पोस्ट उनकी निजी जिंदगी में चल रही उथल-पुथल की झलक देती है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।






















