केंद्रीय बजट (Union Budget 2026) को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि सरकार ने इस बजट को सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की ठोस रणनीति के रूप में पेश किया है। भाजपा के वरिष्ठ सांसद रवि शंकर प्रसाद ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि यह भारत के विकास पथ को और अधिक स्पष्ट करता है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट देश की आर्थिक गति को नई ऊंचाई देगा और विकासशील भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाएगा।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बजट के व्यापक दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने बताया कि बजट में व्यापार को आसान बनाने, आम लोगों की सुविधाएं बढ़ाने और भविष्य की तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और कस्टम ड्यूटी में संभावित कटौती जैसे कदम भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में और मजबूत बनाएंगे।
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बजट को इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करने वाला करार दिया। उनके अनुसार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर देकर सरकार ने संतुलित विकास का संदेश दिया है। शहरीकरण, ग्रामीण कनेक्टिविटी और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित योजनाएं आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन और आर्थिक विस्तार को गति देंगी।
एलजेपी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने बजट को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए इसे दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में ऐसे संस्थानों के निर्माण की बात की गई है जो युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। खास बात यह है कि डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए कंटेंट क्रिएटर्स को भी पहचान और सम्मान देने की सोच इस बजट को अलग बनाती है।
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बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बजट को 2047 के भारत की स्पष्ट तस्वीर पेश करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि हाई स्पीड रेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, मछली पालन और जल मार्ग परियोजनाओं पर सरकार का फोकस यह दर्शाता है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन और लॉजिस्टिक्स सुधार को भी प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 को सत्तारूढ़ दल के नेता एक ऐसे रोडमैप के रूप में देख रहे हैं जो भारत को तकनीक, इंफ्रास्ट्रक्चर और मानव संसाधन के मोर्चे पर वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।
RLM नेता उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सत्ता पक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि सरकार ने इस बजट को सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की ठोस रणनीति के रूप में पेश किया है। भाजपा के वरिष्ठ सांसद रवि शंकर प्रसाद ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए कहा कि यह भारत के विकास पथ को और अधिक स्पष्ट करता है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट देश की आर्थिक गति को नई ऊंचाई देगा और विकासशील भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाएगा।






















