पटना में जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। पथ निर्माण विभाग ने पटना जिले की 11 जर्जर सड़कों की मरम्मत को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 1.61 करोड़ रुपये हैविभाग ने इस काम को बहुत तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें से 5 सड़कों की मरम्मत 30 दिनों के भीतर और शेष 6 सड़कों की मरम्मत सिर्फ 15 दिनों में पूरी करने की योजना है। यह कार्य पटना सिटी प्रमंडल के अधीन होगा, जिससे शहर के व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम और धूल-मिट्टी की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। साथ ही, ग्रामीण और कनेक्टिंग रूट्स पर भी आवाजाही आसान बनेगी।
इस योजना का फर्स्ट फेज विशेष रूप से शहर के व्यस्त इलाकों की सड़कों पर केंद्रित रहेगा। इसमें एनएच-30 फोरलेन से पुनाडीह-बैरिया रूट, पटना-गया स्टेट हाईवे (SH-1) से जुड़े डंपिंग यार्ड रोड और एनएच-30 बाइपास से मरचा-मार्च पथ शामिल हैं।सेकंड फेज में उन सड़कों पर ध्यान दिया जाएगा जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ती हैं। इसमें कंसारी-डुमरी-राजघाट पथ (SH-78) और देवकुली से बीबीपुर तक जाने वाले रास्तों के विभिन्न हिस्सों की मरम्मत शामिल है।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही स्मूथ होगी। ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में कमी और समय की बचत सहित लोगों को कई लाभ होंगे। पथ निर्माण विभाग और पटना सिटी प्रमंडल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।






















