Bihar Top News: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलचल ने आज पूरे दिन राज्य को सुर्खियों में बनाए रखा। विधानसभा के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ऐसी तीखी बहस देखने को मिली, जिसने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने-सामने आ गए। सदन में आरोप-प्रत्यारोप और व्यक्तिगत टिप्पणियों ने बहस को और आक्रामक बना दिया। मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव पर पुराने सहयोग काल का हवाला देते हुए भ्रष्ट आचरण के आरोप लगाए और कहा कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने जिम्मेदारी से अधिक व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता दी। जवाब में तेजस्वी यादव ने सरकार को अपराध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कठघरे में खड़ा किया और विकास के दावों को खोखला बताया। शायरी के जरिए सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने सत्ता के अहंकार को चेतावनी दी कि समय बदलते देर नहीं लगती।
तेजस्वी यादव के हमलों के बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी पलटवार किया और राजद शासनकाल को जंगलराज बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को परिवारवाद में बदलने वालों को नैतिकता की बात करने का अधिकार नहीं है। इसी क्रम में भाजपा विधायक मिथिलेश तिवारी का बयान चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने तेजस्वी यादव की सदन में तबीयत और व्यवहार पर सवाल उठाए और चिकित्सकीय जांच तक की मांग कर डाली।
राजनीति के साथ-साथ नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला भी आज राज्य की सबसे बड़ी खबरों में शामिल रहा। विधान परिषद के बाहर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया और पूर्व मुख्यमंत्री राबरी देवी ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने जांच पर सवाल उठाते हुए इसे लीपापोती करार दिया। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने इस आरोप का तीखा जवाब देते हुए कहा कि यदि विपक्ष के पास किसी आरोपी का नाम है तो उसे सार्वजनिक करे।
इसी बीच बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर भी बड़ी घोषणा हुई। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि समारोह में देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेता शामिल होंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे नेताओं की मौजूदगी से यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनेगा।
राजनीतिक हलचल के बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने चुनाव में कथित अनियमितताओं और वोट खरीदने के आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। इस याचिका पर शीर्ष अदालत में सुनवाई तय है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को नया मोड़ मिल सकता है।
शिक्षा के मोर्चे पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए चौथे चरण में लगभग 44 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी पूरी कर ली है। कक्षा एक से बारह तक की रिक्तियों को आरक्षण रोस्टर के अनुसार अंतिम रूप देकर सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से बीपीएससी को भेजा जा रहा है। माना जा रहा है कि फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में नई शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी होगा, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को उम्मीद की नई किरण मिलेगी।
पर्व-त्योहार के मौसम को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने प्रवासी यात्रियों को राहत देने का फैसला किया है। गयाजी बस डिपो से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे होली और ईद के दौरान लोगों को सुगम यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूर्णिया से आई खबर ने चिंता बढ़ा दी। अमौर थाना क्षेत्र के गार्ड क्वार्टर से एक पुलिस हवलदार का शव बरामद किया गया, जिसके गले में गोली लगने के निशान मिले हैं। मौके से सर्विस कारबाइन और एक खोखा भी मिला है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
इस तरह आज का दिन बिहार के लिए राजनीति, न्याय, शिक्षा और प्रशासनिक फैसलों से भरा रहा। एक ओर विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी संग्राम देखने को मिला, तो दूसरी ओर छात्रा की मौत और पुलिस हवलदार की संदिग्ध मृत्यु ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। वहीं शिक्षक भर्ती और बस सेवा जैसे फैसलों ने आम लोगों को राहत और उम्मीद दोनों दी।






















