बिहार विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में तीखी बहस और तकरार का माहौल देखने को मिला। खासकर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक सवाल ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा खड़ा कर दिया।विपक्ष के एक विधायक ने स्वास्थ्य विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे पर सवाल उठाया, जिसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय की जगह प्रभारी मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सदन में खड़े हुए। लेकिन जवाब देते समय वे काफी फंसते नजर आए। उनके द्वारा दिए गए जवाब में कई अंग्रेजी शब्द (जैसे इंडोस्कोपी आदि) शामिल थे, जिन्हें वे सही ढंग से उच्चारित नहीं कर पाए और लड़खड़ाहट हुई।
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इसके अलावा, उनका जवाब इतना जटिल, अस्पष्ट और घुमावदार था कि सदन में मौजूद सदस्यों को समझने में कठिनाई हुई। विपक्षी विधायकों ने तुरंत इसकी आलोचना की और कहा कि सरकार स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं रख पा रही है। कुछ सदस्यों ने तो हंसते हुए टिप्पणी की कि “मंत्रियों को पहले अंग्रेजी के उच्चारण का अभ्यास कर लेना चाहिए”।
प्रमोद चंद्रवंशी के इस प्रदर्शन से नीतीश सरकार को थोड़ी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने इसे सरकार की तैयारी की कमी और स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता की कमी के रूप में पेश किया। सदन में कुछ देर के लिए हंगामा रहा, जिसके बाद स्पीकर ने स्थिति संभालने की कोशिश की।






















