भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप (U19 World Cup 2026) के फाइनल मुकाबले में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने मैच की दिशा ही बदल दी। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस बड़े मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और ओपनर वैभव ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट जगत को चौंका दिया। उनकी ऐतिहासिक पारी ने न सिर्फ फाइनल को हाई-स्कोरिंग बना दिया, बल्कि टूर्नामेंट के कई बड़े रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए।

भारतीय पारी की शुरुआत से ही वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। सकारात्मक मानसिकता और आक्रामक स्ट्रोक प्ले के साथ उन्होंने तेज रनगति बनाए रखी और महज 55 गेंदों में शतक पूरा कर इतिहास रच दिया। यह इस टूर्नामेंट के इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक बन गया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजकजुक ने 51 गेंदों में सेंचुरी बनाई थी। वैभव ने बाद में अपनी पारी को और विस्तार देते हुए 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी और मैच भारत के पक्ष में झुका दिया।
भारतीय टीम ने वैभव की धमाकेदार पारी के दम पर 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। अब इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 412 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी पारी फाइनल जैसे दबाव भरे मैच में खेलना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि है।
वैभव सूर्यवंशी के कोच मनीष ओझा ने उनके प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने आक्रामकता दिखाई और 15 चौके व 15 छक्के लगाए, वह महान खिलाड़ियों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि वैभव बल्लेबाजी के दौरान सकारात्मक रवैया रखते हैं और हमेशा गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश करते हैं, जो उनकी सफलता का बड़ा कारण है।
इस फाइनल में बनाए गए शतक के साथ वैभव सूर्यवंशी ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले छठे खिलाड़ी और दूसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले उन्मुक्त चंद और मनजोत कालरा जैसे भारतीय खिलाड़ी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेट विलियम्स, जाराड बर्क और स्टीफन पीटर्स जूनियर भी फाइनल में शतक जड़ चुके हैं।
वैभव ने सिर्फ एक मैच नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा कायम रखा। उन्होंने सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया और साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। मैच के दौरान आठ छक्के लगाने के बाद उनके कुल छक्कों की संख्या 23 तक पहुंच गई। साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान के फैसल शिनोजादा के 435 रनों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।






















