केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू आज पटना पहुंचे जहां वे बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस (Bihar Assembly Foundation Day) समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने बिहार विधानसभा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में शुरू हो रहे बड़े कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया। रिजिजू ने कहा कि बिहार विधानसभा का स्थापना दिवस सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का मजबूत कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज से विधानसभा के कामकाज में डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत होगी, जिससे बिहार के सभी विधायकों को टेक्नोलॉजी की ताकत सीधे तौर पर मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता में ठोस बढ़ोतरी होगी।
किरण रिजिजू ने कहा कि विधानसभा में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को तेज करना नहीं है, बल्कि पारदर्शिता बढ़ाना, रिकॉर्ड को सुरक्षित बनाना और विधायकों को आधुनिक संसाधनों से लैस करना है। उनका कहना था कि टेक्नोलॉजी के जरिए विधायी कामकाज में नई गति आएगी, जनता से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और नीति निर्माण में डेटा आधारित सोच को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बिहार विधानसभा के सदस्यों को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में बिहार की राजनीति और प्रशासनिक संस्कृति को नई दिशा देगी।
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पटना दौरे के दौरान राष्ट्रीय राजनीति पर भी बयान सामने आया। राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को सत्ता और पीएमओ से बाहर करने की बात कही थी, किरण रिजिजू ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस पर भरोसा नहीं करती और लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने देश को कमजोर किया। रिजिजू के मुताबिक, अब जनता दोबारा उस दौर में लौटने के मूड में नहीं है और केवल बयानबाजी करके सुर्खियां बटोरने की कोशिशों से कोई राजनीतिक जमीन नहीं बनती। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान के मामले में बड़ी छलांग लगाई है।






















