Purnia fake currency: पूर्णिया में जाली नोटों के जरिए बैंकिंग सिस्टम को चकमा देने की एक सुनियोजित कोशिश सामने आई है। एटीएम मशीन में नकली नोट जमा कर उन्हें असली रकम में बदलने की योजना बना रहे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने न केवल एक व्यक्ति की करतूत को उजागर किया है, बल्कि संभावित जाली नोट नेटवर्क की ओर भी इशारा किया है, जो लंबे समय से सक्रिय हो सकता है।
बैंक की तकनीकी सतर्कता और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी ने इस पूरे मामले की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि आरोपी ने करीब एक माह पहले एटीएम के माध्यम से 200 रुपये के छह नोट अपने खाते में जमा किए थे। मशीन ने इन नोटों को तकनीकी रूप से संदिग्ध माना, लेकिन सिस्टम प्रक्रिया के कारण रकम खाते में दर्ज हो गई। बाद में जब बैंक कर्मियों ने एटीएम का मिलान किया तो जमा किए गए सभी नोट नकली पाए गए। यहीं से पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
तारीख और समय के आधार पर एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई। वीडियो में एक युवक नोट जमा करते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। बैंक रिकॉर्ड से खाते के नाम और पते की पुष्टि हुई, जिसके बाद सहायक खजांची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने कसबा थाना क्षेत्र के फकरतकिया स्थित आरोपी के घर छापेमारी की, जहां से 45,300 रुपये के जाली नोट बरामद हुए।
तलाशी के दौरान 200 रुपये के 196 और 50 रुपये के 182 नकली नोट मिले। जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि 200 रुपये के सभी नोटों का सीरियल नंबर एक ही पाया गया। इससे यह साफ हो गया कि ये नोट किसी एक ही खेप से आए हैं और इन्हें योजनाबद्ध तरीके से बाजार में खपाने की तैयारी थी। यह केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि संगठित नकली नोट कारोबार की ओर संकेत करता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा गंभीर प्रकरण है। जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि आरोपी को ये नकली नोट कहां से मिले और क्या उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने इससे पहले कितनी बार एटीएम के जरिए ऐसे नोट जमा किए और क्या अन्य खातों में भी इसी तरह की गतिविधि हुई है।






















