बिहार की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की संभावित एंट्री (Nishant Kumar Political Entry) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गया दौरे के दौरान लगे बड़े-बड़े पोस्टरों और जदयू कार्यकर्ताओं के उत्साह ने राजनीतिक हलकों में यह संकेत दिया है कि होली के बाद राज्य की सियासत में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह केवल स्वागत की राजनीति है या फिर इसके पीछे सक्रिय राजनीति में प्रवेश की रणनीति तैयार हो रही है।
शनिवार को निशांत कुमार गया पहुंचे, जहां जदयू नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। शहर के कई हिस्सों में लगे पोस्टरों और बैनरों ने इस दौरे को सामान्य सामाजिक यात्रा से ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया। पार्टी समर्थकों के बीच उत्साह और चर्चा का माहौल रहा, जिससे यह संकेत मिलता है कि जदयू के भीतर नेतृत्व के भविष्य को लेकर नई संभावनाओं पर विचार चल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और आने वाले चुनावी समीकरणों के बीच युवा चेहरे को आगे लाने की रणनीति भी हो सकती है।
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गया दौरे के दौरान निशांत कुमार ने गेहलौर की पहाड़ियों का भी दौरा किया, जहां माउंटेन मैन दशरथ मांझी ने अपने दृढ़ संकल्प और 22 वर्षों की मेहनत से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था। इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर उन्होंने दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्ष को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने मांझी के बेटे को झुककर प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया, जिससे स्थानीय लोगों के बीच सकारात्मक संदेश गया। इस यात्रा को राजनीतिक प्रतीकवाद के नजरिए से भी देखा जा रहा है, क्योंकि संघर्ष और विकास की कहानी से जुड़ी जगहों पर जाना अक्सर राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनता है।
निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चा पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। जदयू के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनके आने से पार्टी संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और युवा नेतृत्व के जरिए विकास एजेंडा को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। पार्टी के भीतर उन्हें विजनरी और शांत स्वभाव का नेता बताया जाता है, जो संगठन को नई दिशा दे सकते हैं। हालांकि अब तक खुद निशांत कुमार या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हालिया गतिविधियों ने सियासी अटकलों को और मजबूत कर दिया है।






















