बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का सोमवार को 10वां दिन काफी हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है। शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होगी, जहां विपक्ष (मुख्य रूप से RJD, कांग्रेस और अन्य महागठबंधन दल) एक बार फिर नीतीश कुमार सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जोरदार तरीके से घेरने की तैयारी में जुटा है।
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इस पूरे बजट सत्र (फरवरी 2026) में कानून-व्यवस्था सबसे गरमागरम मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष लगातार राज्य में बढ़ते अपराधों, खासकर महिला अपराध, बलात्कार के मामले, छात्र-छात्राओं से जुड़े अपराधों और NEET aspirant जैसी घटनाओं को लेकर चर्चा की मांग कर रहा है। वे सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि बिहार में “महाजंगलराज” जैसी स्थिति बन गई है, बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस अपराध नियंत्रण में नाकाम साबित हो रही है।
दूसरी ओर, सरकार (NDA – JDU + BJP) का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी ने दावा किया है कि 2005 के मुकाबले हत्या, डकैती, लूट जैसे अपराधों में कमी आई है। Dial-112 जैसी सेवाएं शुरू की गई हैं और पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। नीतीश कुमार ने विपक्ष पर “फालतू हंगामा” करने का आरोप लगाया है।उधर बिहार विधान परिषद में भी सोमवार को प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत सदस्य भीसम साहनी पश्चिम चंपारण जिले में प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे। वहीं निवेदिता सिंह सहित अन्य सदस्य रोहतास जिले के सासाराम नगर निगम क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पुराने पुल के स्थान पर नए पुल के निर्माण की मांग उठाएंगी।






















