बिहार में राशन कार्डधारकों के लिए अब ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए 28 फरवरी 2026 तक की अंतिम तिथि तय की है। इस समय सीमा के बाद जिन लाभुकों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की होगी, उनका नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है और मुफ्त राशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।
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सरकार ने साफ किया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आने वाले प्रत्येक सदस्य का सत्यापन (ई-केवाईसी) जरूरी है। यह कदम फर्जी लाभार्थियों को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। विभाग के अनुसार, राशन कार्ड में दर्ज हर सदस्य का आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक या फेशियल वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
जिला आपूर्ति शाखा के आंकड़ों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने अपना ई-केवाईसी पूरा करा लिया है। हालांकि अब भी 20 % लाभुकों का सत्यापन लंबित है। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते ये लोग प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो उनका नाम सूची से हट सकता है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि लगातार जनवितरण प्रणाली (PDS) दुकानों और संबंधित केंद्रों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।






















