बिहार की सियासत में एक बार फिर कृषि और बाजार समिति (Motihari Bazar Samiti Shop Allotment) से जुड़ा मुद्दा जोर पकड़ता दिख रहा है। Bihar विधानसभा के हालिया सत्र में मोतिहारी बाजार समिति में निर्मित दुकानों के आवंटन का सवाल प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि तैयार दुकानों का आवंटन आखिर कब होगा और क्या पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक ने यह भी मुद्दा उठाया कि बाजार समिति परिसर की सड़कों की स्थिति दयनीय है और किसानों व व्यापारियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जवाब देते हुए मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में काम कर रही है और नए बाजार प्रांगणों में दुकानों, कैटरिंग स्पेस तथा अन्य व्यावसायिक इकाइयों के आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाजार समिति परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। सड़कों का सुदृढ़ीकरण, जल निकासी के लिए नाला निर्माण, किसानों के ठहरने के लिए शेड, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना था कि सरकार की योजना केवल दुकान आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कृषि विपणन तंत्र को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाना है ताकि किसानों को बेहतर दाम और व्यापारियों को सुगम वातावरण मिल सके।
विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस विषय को केवल एक जिले तक सीमित न मानते हुए पूरे राज्य से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि दुकानों के आवंटन और आधारभूत संरचना से जुड़ी समस्याएं कई बाजार समितियों में सामने आ रही हैं, इसलिए सरकार को समग्र समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा और पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता देने की नीति अपनाई जाएगी।






















