[Team insider] मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक बसंत सोरेन(सीएम के भाई) समेत करीबियों के शेल कंपनी मामले झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी को नोटिस जारी किया है। बता दें कि दो सप्ताह में सभी शेल कंपनियों की जांच के साथ जवाब दाखिल करने के निर्देश दिया गया, वहीं अदालत ने सभी शेल कंपनियों की जानकारी मांगी है।
2 सप्ताह बाद मामले की फिर सुनवाई होगी। इसके पहले सुनवाई में कोर्ट ने सीबीआई जांच से सबंधित सभी दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता एक्टिविस्ट शिव शंकर शर्मा ने अधिवक्ता राजीव कुमार के माध्यम से जनहित याचिका दायर की थी।
ब्लैक मनी को बनाया जा रहा है वाइट मनी
अधिवक्ता राजीव कुमार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके भाई बसंत सोरेन के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए राजधानी रांची के चर्चित बिजनेसमैन रवि केजरीवाल, रमेश केजरीवाल एवं अन्य को दिया जाता है। यह पैसा 24 कंपनियों के माध्यम से दिया जा रहा है और इन कंपनियों के माध्यम से ब्लैक मनी को वाइट मनी बनाया जा रहा है। इसलिए याचिका के माध्यम से अदालत से जांच की मांग की गई है।
सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स से पूरी संपत्ति की जांच की मांग की गई है। इस मामले में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, सीबीआई, ईडी, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन, रवि केजरीवाल, रमेश केजरीवाल, राजीव अग्रवाल एवं अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।