नीतीश कैबिनेट के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद कार्तिक सिंह ने पहला बयान दिया। जिसमें वो BJP के ऊपर जमकर बरसे। और अपने पक्ष में सफई भी दी। कार्तिक सिंह ने कहा कि मेरा मंत्री बनाना BJP के लोगों को पच नहीं रहा था। BJP सोच रही थी कि एक भूमिहार मंत्री कैसे बन गया इसलिए BJP ने मुझ पर तरह-तरह के आरोप लगाया और मेरा मीडिया ट्रायल करवाया।
पेश की सफाई
BJP पर हमला बोलने के बाद कार्तिक सिंह ने अपने पक्ष में सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि मेरे बाबा स्वतंत्रता सेनानी थे और पिताजी हाई स्कूल में शिक्षक थे। मैं 28 वर्षों तक शिक्षक के रूप में काम किया हूं और जमीन से जुड़ा हुआ हूं। साल 2015 से पहले मुझ पर कोई मुकदमा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जिस मामले में मुझ पर मुकदमा किया गया अभी कोर्ट में अनुसंधान चल रहा है मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा है मुझे न्याय जरूर मिलेगा। अनंत सिंह से रिश्तों को लेकर उन्होंने कहा कि अनंत सिंह 17 साल से मोकामा से विधायक हैं और उनके भाई भी विधायक और मंत्री रहे हैं और उन से मेरा राजनैतिक संबंध है।
विभाग बदले जाने से नाराज नहीं
कार्तिक सिंह ने अपने इस्तीफे को लेकर भी खुल कर बात की। उन्होंने कहा कि जो आरोप मुझ पर लगाया जा रहा था उससे मेरी पार्टी, नेता और मेरी छवि धूमिल हो रही थी इसलिए पार्टी हित में मैंने इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में विभाग बदलने से मेरी कोई नाराजगी नहीं है। न्यायालय से बरी होने के बाद पार्टी जो जिमेदारी ही देगी मै स्वीकार करूंगा।




















