Air India Free Reschedule: इंडिगो की उड़ानों में आई भारी अव्यवस्था से पूरा एविएशन सेक्टर अस्थिर हो चुका है। हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हैं, टिकटों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गई हैं और यात्रा योजनाएं पूरी तरह गड़बड़ा गई हैं। ऐसे संकटपूर्ण माहौल में टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया ने एक ऐसा कदम उठा दिया है, जिसने यात्रियों को बड़ी राहत की सांस दे दी है। कंपनी ने स्पष्ट घोषणा की है कि 4 दिसंबर तक जारी की गई सभी टिकटों पर फ्री रीशेड्यूलिंग और पूरा रिफंड उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम न केवल यात्रियों की परेशानी को कम करने वाला है, बल्कि बाजार में अस्थिर किरायों पर भी नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश है।
इंडिगो के परिचालन और तकनीकी संकट से अचानक देशभर में उड़ानों की संख्या घटी और इसका सीधा असर किरायों पर दिखने लगा। डिमांड बढ़ने के कारण एयरफेयर कई रूटों पर दोगुना-तीन गुना तक पहुंच गया। ऐसे में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नॉन-स्टॉप घरेलू उड़ानों की इकोनॉमी क्लास के किराए को कैप कर दिया। इस फैसले का सीधा अर्थ यह है कि यात्रियों को किसी भी रूट पर अचानक बढ़ाए गए हाई प्राइसिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी ओवरप्राइसिंग पर कड़ी नजर रखी है और एयरलाइनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि संकट के समय यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क लेना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एयर इंडिया के इस निर्णय का सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जिन्होंने 4 दिसंबर तक अपनी टिकट बुक की थी और जिनकी यात्रा 15 दिसंबर 2025 तक निर्धारित है। ऐसे सभी यात्रियों के लिए ‘वन-टाइम वेवर’ लागू किया गया है, जिसमें वे अपनी यात्रा किसी भी नई तारीख पर शिफ्ट कर सकते हैं, वह भी बिना रीशेड्यूलिंग चार्ज दिए। यदि वे यात्रा रद्द करना चाहते हैं तो बिना किसी पेनल्टी के पूरा 100% रिफंड मिलेगा। यह सुविधा 8 दिसंबर 2025 तक किए गए बदलावों पर लागू रहेगी। हां, यदि नई तारीख पर किराया अधिक है तो उस अंतर का भुगतान यात्रियों को करना होगा।
इंडिगो संकट से बने हालात में एयर इंडिया का यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत का संदेश है बल्कि एक रणनीतिक तौर पर भी इसे बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। एयरलाइन ने इससे न सिर्फ यात्रियों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी स्थिति को भी मजबूत किया है। इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि घरेलू एविएशन सेक्टर में स्थिरता तेजी से वापस लौटेगी और यात्रियों का भरोसा फिर से मजबूत होगा।


















