बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और विकास की समीक्षा के लिए पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah Bihar Visit) का दौरा अब प्रशासनिक दायरे से निकलकर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। किशनगंज में करीब दो घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक में सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और नकली मुद्रा नेटवर्क पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों के साथ हुई इस समीक्षा बैठक में सीमांचल के संवेदनशील भूगोल और सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।
हालांकि, इस दौरे के बीच सियासी तापमान तब बढ़ गया जब राजद विधायक रणविजय साहू ने दावा किया कि केंद्र सरकार बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना पर काम कर रही है। साहू का आरोप है कि यह कदम आगामी बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर वोटों के ध्रुवीकरण की रणनीति के तहत उठाया जा सकता है और घुसपैठ के मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उछाला जा रहा है।
इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सीमांचल में घुसपैठ और सीमा पार आपराधिक नेटवर्क वास्तविक और गंभीर समस्या है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कोई कठोर प्रशासनिक फैसला लेना पड़े तो केंद्र सरकार उससे पीछे नहीं हटेगी।






















