Amit Shah: बिहार की राजनीति एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है और इसकी वजह सिर्फ नई सरकार का गठन नहीं बल्कि वह चुनावी वादा है जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से किया था और अब उसे पूरी तरह निभाया भी है। चुनाव प्रचार के दौरान तारापुर और लखीसराय की रैलियों में अमित शाह ने जनता के सामने दावा किया था कि अगर वे सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को जिताते हैं तो वे उन्हें “बड़ा आदमी” बना देंगे।
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट में सबसे बड़ा बदलाव गृह विभाग के नियंत्रण को लेकर देखा गया है। अब तक यह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता आया था, लेकिन पहली बार यह जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंप दी गई है। इस फैसले ने संकेत दे दिया है कि राज्य की प्रशासनिक बागडोर और कानून व्यवस्था की दिशा अब नई राजनीतिक धुरी की ओर मुड़ चुकी है।
सम्राट चौधरी अब सिर्फ डिप्टी सीएम नहीं बल्कि वह चेहरा हैं जिनके पास बिहार की पुलिस संरचना, कानून व्यवस्था, सुरक्षा एजेंसियों और संवेदनशील फैसलों की अंतिम मंजूरी होगी। गृह मंत्रालय को अक्सर सरकार की असली “पावर कुर्सी” कहा जाता है और इसी वजह से यह परिवर्तन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
वहीं विजय कुमार सिन्हा को भी अमित शाह का वादा पूरा मिलने के बाद मजबूत जिम्मेदारी मिली है। उन्हें न केवल दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाया गया बल्कि उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार, खान और भूतत्व जैसा वह विभाग मिला है जिसके ऊपर बिहार की आर्थिक दिशा का असर पड़ता है। जमीन विवादों, खनन लाइसेंस, हाई प्रोफाइल उद्योगिक फैसलों और राजस्व नीति पर अब विजय कुमार सिन्हा की सीधी भूमिका होगी।
तारापुर और लखीसराय की रैली में कहा गया वाक्य- “इनको जिताइए, बड़ा आदमी बना दूंगा!” अब सिर्फ नारा नहीं रहा, बल्कि बिहार की राजनीति का नया अध्याय बन चुका है।






















