नयी दिल्ली: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब गृहमंत्री अमित शाह और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच हंसी-मजाक में तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस के दौरान दो बार ऐसा हुआ जब अमित शाह ने अखिलेश को मजाकिया अंदाज में ऐसा जवाब दिया कि सपा खेमे में सन्नाटा छा गया, जबकि भाजपा सांसद ठहाके लगाकर हंसने लगे।
योगी रिपीट होंगे: शाह का अखिलेश को करारा जवाब
बहस के दौरान जब अमित शाह वक्फ संशोधन विधेयक से जुड़े मुद्दों पर बोल रहे थे, तो अखिलेश यादव ने अचानक उन्हें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर टिप्पणी करने के लिए उकसाया। अखिलेश को उम्मीद थी कि अमित शाह या तो कुछ कहने से बचेंगे या कोई ऐसा बयान देंगे जो उनके आरोपों को बल देगा। लेकिन शाह ने बिना रुके तुरंत जवाब दिया – “योगी भी रिपीट होंगे!” शाह के इस जवाब से समाजवादी पार्टी के सदस्यों का उत्साह ठंडा पड़ गया, जबकि भाजपा सांसद मेजें थपथपाकर हंसने लगे। इस दौरान खुद अमित शाह भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।
अखिलेश की हंसी पर शाह का तंज
इससे पहले, अखिलेश यादव ने अपने भाषण में भाजपा पर कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा कि “दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा अब तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाई है और भाजपा के नेता आपस में ही लड़ रहे हैं।” अखिलेश की इस टिप्पणी के तुरंत बाद अमित शाह जवाब देने के लिए खड़े हो गए। शाह ने कहा, “अखिलेश जी ने बहुत हंसते-हंसते आरोप लगाए हैं, तो मैं भी हंसते-हंसते जवाब दूंगा।” इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इन विपक्षी पार्टियों में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया बहुत आसान होती है – परिवार के पांच में से किसी एक को चुन लो! लेकिन भाजपा में 12-13 करोड़ सदस्य हैं, इसलिए हमें प्रक्रिया में समय लगता है।” इतना ही नहीं, अमित शाह ने मजाकिया अंदाज में आगे कहा, “आपको तो कोई दिक्कत ही नहीं है, मैं कहता हूं, अभी 25 साल तक आप ही अध्यक्ष रहोगे!”
बंगाल और दक्षिण भारत पर भी अमित शाह का तंज
बहस के दौरान जब दक्षिण भारत के कुछ सांसदों ने बार-बार टोकना शुरू किया, तो शाह ने मजाक में कहा, “ये 26 का टेंशन है, वहां चुनाव आ रहा है न?” जब पश्चिम बंगाल के एक सांसद ने बीच में टोका, तो शाह ने कहा, “अभी राजनीति पर बोलने का समय नहीं है। बंगाल आउंगा तो सीना ठोककर बोलूंगा।” अमित शाह के जवाबों से सदन में माहौल गर्म इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जहां भाजपा सांसद ठहाके लगाते रहे, वहीं समाजवादी पार्टी के नेता शाह के तंजों पर असहज नजर आए। वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान शाह और अखिलेश की जुगलबंदी ने बहस को मजेदार बना दिया, लेकिन शाह के जवाबों से यह साफ हो गया कि भाजपा यूपी में योगी आदित्यनाथ को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। लोकसभा में यह चर्चा सिर्फ वक्फ बिल तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें यूपी की राजनीति, भाजपा के आंतरिक चुनाव और विपक्षी पार्टियों के पारिवारिक नेतृत्व पर भी कटाक्ष होते रहे। अमित शाह ने अपने जवाबों से विपक्ष को जहां करारा जवाब दिया, वहीं भाजपा समर्थकों को जोश से भर दिया।