बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को उनके प्रयासों के लिए पहचान दिलाने के उद्देश्य से आरकेड बिजनेस कॉलेज ने “स्वामी विवेकानंद शिक्षक सम्मान 2025” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पटना, वैशाली, अरवल, बिहटा, मुजफ्फरपुर, बाढ़, बख्तियारपुर, छपरा, आरा, और बक्सर के 250 से अधिक स्कूलों के 600 से अधिक प्राचार्यों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। उन्होंने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं। यदि वे संतुष्ट न रहें, तो युवा भटक सकते हैं। शिक्षकों का सम्मान हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि “बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन देने वाले शिक्षक ही इन प्रतिभाओं को गंतव्य तक पहुंचाने में सहायक होते हैं।”
आरकेड बिजनेस कॉलेज के निदेशक और करियर काउंसलर आशीष आदर्श ने शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि “आजकल सम्मान को व्यवसाय बना दिया गया है। हमारा प्रयास इस गलत परंपरा को तोड़ते हुए शिक्षकों और प्राचार्यों को उनके वास्तविक योगदान के लिए सम्मानित करना है।”
इस कार्यक्रम में शिक्षाविद और नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. केसी सिन्हा ने कहा कि “बिहार के शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने में पूरी ऊर्जा लगाते हैं। उनका सम्मान अत्यंत आवश्यक है।”
पूर्व डीजीपी और शिक्षाविद अभयानंद ने कहा कि “आरकेड बिजनेस कॉलेज ने इस आयोजन के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के विचारों को मूर्त रूप देने का सराहनीय कार्य किया है।”
सम्मानित शिक्षकों में से एक, रूबी सिन्हा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यह सम्मान हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ा देता है।” वहीं, सिन्धु कुमारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी की उद्घोषिका प्रिया गौतम ने किया। शिक्षकों के सम्मान से प्रेरित इस पहल ने शिक्षा के क्षेत्र में नए मापदंड स्थापित किए हैं।